Friday, October 27, 2017

यूनेेस्को श्रव्य - दृश्य संपदा दिवस, संस्कृतियों और रीति रिवाजों का बहुमूल्य संग्रह



फरीदाबाद abtaknews.com 27 अक्टूबर,2017 ;‘ज्ञात करो, याद रखो और सबमें बांटों’ अर्थात् हमें जो पुरानी नई बातें पता नहीं है, उन्हें खोजकर आगे आने वाली पीढ़ी के लिए सुरक्षित करना है जिससे वो भी लाभ उठा सकें, यही इस वर्ष 2017 में यूनेस्को द्वारा मनाए जाने वाले आडियो विजुअल हैरिटेज दिवस (जो प्रतिवर्ष 27 अक्टूबर को मनाना सुनिश्चित किया गया है) की थीम है। यूनेस्को सारी दुनिया में फैली भिन्न भिन्न संस्कृतियों और रीति रिवाजों के बहुमूल्य संग्रह को विकसित करने और उन्हें श्रवय दृष्य संसाधनों द्वारा भविष्य के लिए सुरक्षित रखने के प्रयासों में लगा है और इस तरह के कामों के लिए सभी सदस्य देशों के लोगों को प्रोत्साहित भी कर रहा है। इससे आगे आने वाली नई पीढ़ी के लोग अपने बीते युग के सामाजिक जीवन मूल्यों, प्रभावों और विकास से परिचित हो सकेंगे और वर्तमान और भूत के बीच का अंतर भी समझ सकेंगे।
आज के डिजिटल युग में इस प्रकार के आडियो विजुअल संग्रह को सुरक्षित रखने में अनेक प्रकार की कठिनाईयां भी सामने आ रही है, जिनका समाधान नई वैज्ञानिक तकनीकों द्वारा खोजा जा रहा है और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित किया जा रहा है।
यूनेस्को से सम्ब; हाॅमर्टन ग्रामर स्कूल सैक्टर-21ए पफरीदाबाद में भी दिनांक 27 अक्टूबर शुक्रवार को यूनेस्को के इसी संदेश को चरितार्थ करते हुए स्कूल के बच्चों के द्वारा प्रातःकालीन सभा में विशेष चर्चा का आयोजन किया गया। जिसमें हाॅमर्टन ग्रामर स्कूल की दीपिका, अंकित और ज्योति ने अपने विचारों से छात्रों को जागरूक किया। बच्चों ने इस दिवस के महत्व को दर्शाने वाले बैनरों, पोस्टरों और नारों द्वारा स्कूल को जागरूक करने का कार्य किया। सभी कक्षाओं में छात्रा छात्राओं को इसी संदर्भ में अनेक ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और वैचारिक महत्व दर्शाने वाली पीपीटी दिखाई गई और उस पर चर्चा की गई। इस तरह बच्चों को यूनेस्को के द्वारा किए गये कार्यो से अवगत कराया गया।


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