Monday, October 9, 2017

वाईएमसीए विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय उद्यमशीला जागरूकता शिविर प्रारंभ



फरीदाबाद, 9 अक्तूबर(abtaknews.com)उद्यमशीलता को करियर विकल्प के रूप में अपनाने को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से वाईएमसीए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, फरीदाबाद द्वारा आयोजित तीन दिवसीय उद्यमशीला जागरूकता शिविर आज प्रारंभ हो गया। शिविर के पहले दिन विद्यार्थियों के मौजूदा परिदृश्य, छोटे व मध्यम पैमाने के उद्यम शुरू करने के लिए अवसरों के पहचान तथा उद्यम शुरू करने के लिए उत्पाद व तकनीक के चयन जैसे अहम विषयों पर जानकारी हासिल की।
इससे पहले कार्यक्रम का शुभारंभ विधिवत रूप दीप प्रज्वलन द्वारा हुआ। उद्घाटन सत्र को मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र तथा वीजी इंडस्ट्रीज, फरीदाबाद के प्रबंध निदेशक श्री नवीन सूद ने संबोधित किया। सत्र की अध्यक्षता कुलसचिव डॉ. संजय कुमार शर्मा ने की। इस अवसर पर अधिष्ठाता (संस्थान) प्रो. संदीप ग्रोवर तथा मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष डॉ. तिलक राज भी उपस्थित थे। शिविर का आयोजन सह-प्राध्यापक डॉ. वासुदेव मल्होत्रा की देखरेख में किया जा रहा है। कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने विद्यार्थियों के लिए उद्यमशीला जागरूकता शिविर के आयोजन को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को उद्यम स्थापित करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में कौशल आधारित ज्ञान अर्जित करने में सहायक होते है।
मुख्य अतिथि श्री नवीन सूद ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि कोई भी उद्यम शुरूआत से बड़ा नहीं होता। एक छोटी शुरूआत करनी पड़ती है। इसके लिए जरूरी है कि उद्यम एवं उत्पाद को सही जानकारी ली जाये और इसके लिए बेहतर प्रबंधन किया जाये। उन्होंने कहा कि एक समय था जब नये उद्यम के लिए काफी जोखिम उठाने पड़ते थे, लेकिन आज सरकार की नीतियां ‘स्टार्ट-अप’ को लेकर काफी उदार है, जिसका लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने नये उद्यम शुरू करने की इच्छा रखने वाले विद्यार्थियों को उपयोगी टिप्स दिये। उन्होंने कहा कि किसी भी उद्यम में उत्पाद प्राथमिक होता है और ग्राहक केन्द्र बिन्दू। इसलिए, सफल उद्यम के लिए लक्ष्य मुनाफा अर्जन न होकर ग्राहक संतुष्टि होना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ अपने जीवन के अनुभव भी साझे किये।
सत्र को संबोधित करते हुए कुलसचिव डॉ. संजय कुमार शर्मा ने विद्यार्थियों को ‘स्वरोजगार’ के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि कौशल विकास और स्वरोजगार - दो ऐसे क्षेत्र है जहां मौजूदा सरकार सबसे ज्यादा ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार को करियर विकल्प के रूप में चुनने वाले युवा अपने जीवन को नई दिशा प्रदान करते है और खुद को नौकरी के बंधनों से मुक्त रखते है।
सत्र को संबोधित करते हुए मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के अध्यक्ष डॉ. तिलक राज ने कहा कि तकनीकी शिक्षा ग्रहण करने वाले युवाओं के लिए उद्यमशील सोच का होना बेहद जरूरी है। इसलिए, कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को तकनीकी क्षेत्र में सफल उद्यमी बनने के लिए प्रोत्साहित करना है और यह उद्यमशीलता को लेकर उनके लिए ज्ञान अर्जित करने का भी एक बेहतरीन अवसर है।
अधिष्ठाता (संस्थान) प्रो. संदीप ग्रोवर ने कहा कि पढ़ाई के बाद विद्यार्थियों के लिए करियर का चयन एक बड़ी चुनौती रहता है लेकिन यदि युवा उद्यमशील सोच को लेकर सही योजना से आगे बढ़े तो उन्हें रोजगार को लेकर चिंता की कोई जरूरत नहीं। उन्होंने कहा कि उद्यमशीला के प्रति जागरूकता लाने के लिए आयोजित ऐसे कार्यक्रम युवाओं को एक अवसर प्रदान करते है कि वे अपनी रूचि के अनुरूप उद्यम शुरू करने के लिए सही जानकारी हासिल कर सके। उन्होंने विद्यार्थियों को उद्यम शुरू करने के लिए उत्पाद व तकनीक के चयन की प्रक्रिया की जानकारी दी।
इससे पूर्व कार्यक्रम के मुख्य संयोजक तथा सह-प्राध्यापक डॉ. वासुदेव मल्होत्रा ने तीन दिवसीय उद्यमशीला जागरूकता शिविर की रूपरेखा की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तीन दिवसीय शिविर के दौरान प्रतिष्ठित उद्यमियों तथा अकादमिक विशेषज्ञों के आठ व्याख्यान रखे गये है, जिसमें उद्यमशीलता का मौजूदा परिदृश्य, अवसर, उत्पाद व तकनीक चयन की प्रक्रिया, लघु उद्योग, स्टार्ट-अप और सरकार, बैंक तथा अन्य वित्तीय संस्थाओं से वित्तीय सहयोग प्राप्त करने को लेकर जागरूक व्याख्यान शामिल हैं। इस दौरान प्रतिभागियों को स्थानीय औद्योगिक इकाई का भ्रमण भी करवाया जायेगा।
कार्यक्रम के अंत में कुलसचिव डॉ. संजय कुमार शर्मा ने श्री नवीन सूद यादगार भेंट के रूप पौधा प्रदान किया।

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