Wednesday, October 4, 2017

गुरु का होना आवश्यक : गोवत्स दीपक जोशी



बल्लभगढ़ (abtaknews.com) श्री गोपाल मंदिर के 39 वें वार्षिकोत्सव के दूसरे दिन श्री राम कथा का जीवन में क्या महत्व है गोवत्स श्री दीपक जोशी जी ने बताया तथा एक पथ प्रदर्शक मार्गदर्शन का कार्य करती है मंजिल तक पहुंचने के लिए गुरु का होना आवश्यक है गुरु के साथ इष्ट का होना भी आवश्यक है सत्संग के द्वारा ज्ञान की प्राप्ति होती है कहां भी है कि बिन सत्संग विवेक  न   हुई इसलिए सत्संग का जीवन में विशेष महत्व है रामचरित्र मानस में बालकांड में बचपन की क्रिया कलापों का वर्णन है सुंदरकांड में दिव्य जीवन की व्याख्या की गई है कथावाचक दीपक जोशी जी ने प्रवचन में बोला रामचरित्र मानस में प्रवेश करने से पूर्व तुलसी जी ने वंदना का महत्व बताया है वंदना में सभी जीव जंतु संत आदि की महिमा का वर्णन किया है संत समय एक तीर्थ होता है जिसके संपर्क से विवेक का मार्ग विकसित होता है साधक किसी की निंदा नहीं करता है सद्गुरु की कृपा से ही बुद्धि विवेक की प्राप्ति होती है तुलसी जी ने सबसे अधिक भरत जी का गुणगान किया है वह त्याग की मूर्ति हैं त्यागी ही ईश्वर के निकट होता है व्यास जी ने सतसंग केसाथ  सीताराम का कीर्तन भी कराया अंत में नजरों से नजरें मिला ना सका मेरी नजरों का  दोस्  था नजरों में वह दिव्य दृष्टि ने बन पाई जिससे उसका दीदार हो जाता इस मौके पर मंदिर के प्रधान जनक राज शर्मा उपप्रधान के सी शर्मा कोषाध्यक्ष मदनलाल अरोड़ा सेक्टरी महेंद्र अरोड़ा मीडिया प्रभारी सुभाष शर्मा आदि गणमान्य लोग उपस्थित थे

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