Tuesday, October 3, 2017

रामचरित्र मानस में जीवन जीने की कला सिखाती है : गोवत्स दीपक भाई जोशी



बल्लभगढ़(abtaknews.com )गोपाल मंदिर ट्रस्ट के वार्षिकोत्सव पर रामकथा का आयोजन किया गया यह रामकथा आकाश सिनेमा के प्रांगण में किया जा रहा है कथा का आयोजन गणेश पूजन के साथ शुरू हुआ इस दौरान कथावाचक गोवत्स दीपक भाई जोशी जी का मंदिर के प्रधान जनक राज शर्मा उपप्रधान कृष्ण चंद शर्मा महेंद्र अरोड़ा मदनलाल अरोड़ा रमेश खट्टर आदि ने कथा सुना रहे गोवत्स दीपक भाई जोशी जी का फूल माला पहनाकर स्वागत किया गया उन्होंने रामकथा के महत्व पर प्रकाश डाला इच्छा अभिलाषा सभी क्रिया कलापों की जड़ है जिसका मूल उद्देश्य रस की प्राप्ति करना है तीन प्रकार के व्यक्ति भोगी -साधक और सिद्ध होते हैं होगी हर चीज की अभिलाषा की प्राप्ति में सुख का अनुभव करता है साधक सच्चे सुख हेतु पर्य मन करता है सिद्ध उसकी जड़ में बैठ सजगता और सरलता प्राप्तकर्ता है श्री राम कथा एक राष्ट्रीय मार्ग की भांति हमें हमारी मंजिल तक पहुंचाने का मार्ग प्रदर्शित करता है कथा उस सहजता और सरलता तक पहुंचाने की कुंजी है राम कथा बिन सुलभ में हुई रामचरितमानस हमें जीवन जीने की कला सिखाती है सदा मार्ग पर चलकर ही हम अपनी मंजिल तक पहुंच सकते हैं

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