Friday, September 8, 2017

पन्हैडा खुर्द सरकारी स्कूल में अध्यापक न होने के चलते गेट पर छात्रों व परिजनों ने जडा ताला


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फरीदाबाद(abtaknews.com) 08 सितम्बर,2017- अंतराष्ट्रीय  साक्षरता दिवस पर स्कूली बच्चो ने सड़क जाम की और स्कूल को ताला जड़ दिया। बेटी बचाओं बेटी पढाओ नारा देकर सरकार उनका मजाक बना रही है ऐसा कहना है सरकारी स्कूल में पढने वाली छात्राओं का जिन्होंने अपने ही स्कूल का ताला लगा दिया और रोड जाम कर सडक पर ही बैठ गये। मामला फरीदाबाद के पन्हैडा खुर्द गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का है जहां स्कूल में अध्यापक न होने के चलते 12वीं तक विद्यार्थियों और उनके परिजनों स्कूल से ताला जड दिया और रोड जाम कर सडक पर धरना देकर बैठ गये। छात्राओं की मांग हहै कि जब स्कूल में अध्यापक नहीं आयेंगे तब तक स्कूल का ताला नहीं खुलेगा। 

अभी तक विपक्ष और संस्थायें ही सरकार के विरोध में सडकों पर उतर कर प्रदर्शन करती हुई नजर आती थी मगर अब सरकारी स्कूलों में पढने वाले विद्यार्थी भी स्कूल छोडकर सडक पर उतर कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं, और करें भी क्या स्कूल में पढाने के लिये अध्यापक ही नहीं है तो स्कूल में जाने से क्या फायदा। हरियाणा सरकार प्रतिबर्ष आ रहे खराब परिणामों को देखकर रोना रोती है मगर जब स्कूलों में अध्यापक ही नहीं होंगे तो स्कूलों के परिणाम कैसे ठीक आ सकते हैं। इसी मांग को लेकर फरीदाबाद के गांव पन्हैडा खुर्द के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के सैंकडा विद्यार्थी सडक पर नजर आये, रोड जाम करने से पहले छात्र व छात्राओं ने पहले स्कूल के गेट पर ताला लगाया और फिर रोड जाम कर दिया। 

छात्राओं की माने तो सरकार बेटी बेचाओ बेटी पढाओ का नारा देती है जब तक स्कूलों में अध्यापक नहीं होंगे तो बेटियां कैसे पढेेंगे प्रतिबर्ष स्कूलो को खराब परिणाम के लिये सरकार लताड लगाती है मगर अध्यापकों का प्रबंध नहीं करती है, छात्राओं ने दावे के साथ कहा कि उन्हें अध्यापक दो वो परिणाम अच्छे देेंगी।छात्राओं ने स्कूल में अध्यापक न होने के चलते कहा कि उनकी 12वीं कक्षा की पढाई है जिसपर पूरा कैरियर टिका हुआ है सरकार उनके कैरियर के साथ खिलवाड कर रही है। ऐसा वो नहीं होने देंगे अब स्कूल तब तक नहंी खुलेगा जब तक स्कूल में पर्याप्त अध्यापक नहीं आ जाते। 

प्रदर्शन में बच्चों का साथ दे रहे परिजनों की माने तो स्कूल में वो बच्चों को पढने के लिये भेजते हैं मगर अध्याप न होने के चलते उनकी पढाई नहीं हो पा रही है अगर सरकार स्कूल में अध्यापक नहीं दे सकती तो स्कूल खोलने से क्या फायदा है इसलिये उन्होंने ताला लगा दिया।स्कूली बच्चों को समझाने के लिये पहुंची स्कूल अध्यापक ने अबतक न्यूज़ पोर्टल टीम को बताया कि स्कूल से कुछ अध्यापकों का ट्रास्फर हो गया है जो कि जल्द आ जायेंगे, मगर बच्चे नहीं मान रहे हैं। इसकी जानकारी उन्होंने उच्च अधिकारियों को भी दे दी है। 


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