Monday, September 4, 2017

श्रीसिद्धदाता आश्रम में सैकड़ों लोगों ने ली दीक्षा, गुरु महाराज ने लगाया शंख चक्र


फरीदाबाद(abtaknews.com ) आजकल धर्म और धर्मगुरुओं के प्रति चल रही नकारात्मक चर्चाओं के बावजूद श्री सिद्धदाता आश्रम में आज सैकड़ों लोगों ने दीक्षा प्राप्त की। यहां सेक्टर 44 सूरजकुंड रोड स्थित श्री सिद्धदाता आश्रम श्री लक्ष्मीनारायण दिव्यधाम में आज नामदान दीक्षा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर दिव्यधाम एवं आश्रम के अधिपति श्रीमद जगदगुरु रामानुजाचार्य स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य जी महाराज ने कहा कि गुरु शिष्य का संबंध भगवान और भक्त के जैसे है, जिसमें केवल भाव की बात प्रमुख है। इसमें मोल भाव आने पर मार्ग धर्मविमुख हो जाता है।

श्रीमद जगदगुरु रामानुजाचार्य स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य  महाराज ने आज सैकड़ों लोगों को नामदान की दीक्षा दी और उन्हें रामानुज संप्रदाय के बारे में अवगत कराया। उन्होंने कहा कि श्रीजी यानि लक्ष्मी जी ने स्वयं इस संप्रदाय का प्रारंभ किया और विष्वकसेन द्वारा मानव मात्र को मानवता अपनाने के लिए संदेश दिया। उन्होंने लोगों को परमात्मा का पुत्र होने और उनके गुणों से ओतप्रोत रहने का मंत्र भी दिया। इसके बाद गुरु परंपरा में आए भाष्यकार रामानुज स्वामी ने हजारों हजार को मुक्ति का अधिकारी बनाया और पूरे भारतवर्ष में आठ पीठों की स्थापना की और उस समय धर्म को पुन: प्रतिष्ठित किया। उन्होंने भक्तों को कहा कि वह गुरु के प्रति भाव को लेकर सावधान रहें। उन्होंने कहा कि यह सावधानी दोनों ओर से बरती जानी चाहिए। 

कहीं भी भाव की जगह मोल भाव ले लेगा तो धर्म विरुद्ध बातें पैदा होंगी। जिससे आखिरकार व्यक्ति पथभ्रष्ट ही होगा। स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य महाराज ने यहां पंचविधियों द्वारा लोगों को गुरु दीक्षा प्रदान की। गौरतलब है कि करीब 27 वर्षों से स्थापित श्री
सिद्धदाता आश्रम एवं श्री लक्ष्मीनारायण दिव्यधाम ने लाखों लोगों को धर्म की राह पर चलाया है जिसको श्रीमद जगदगुरु रामानुजाचार्य स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य महाराज ने बखूबी संभाल रहे हैं। यही कारण है कि यहां चल रहे निरंतर भक्ति, भजन, कीर्तन, प्रार्थना, सेवा, शिक्षा, पठन पाठन आदि प्रकल्पों से लाखों लोग लाभांवित हो रहे हैं।

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