Sunday, September 24, 2017

बारिश रुकी, मौसम खुला तो वनवास को निकल पड़े श्री राम


फरीदाबाद 24 सितंबर,2017 (abtaknews.com )श्री धार्मिक लीला कमेटी एम ब्लाक में आज श्री राम चले बनवास को तो भरत चले वनों में श्री राम को लाने । र्निदेशक हरीश चन्द्र आज़ाद ने बताया कि आज मंथरा बने मनीष ने जब केकई को भरत को राजा बनाने के लिये भडक़ाया तो केकई बने नवनीत ने त्रिया चरित्र चाल बिछाकर दशरथ से वचन लेने के लिये राम की कसम खिलाई और दशरथ बने अनिल नागपाल ने कहा कहा इक बार जो अंतिम मेरा वचन होगा,कसम है राम की दशरथ नही मिथ्या कथन होगा तो केकई ने वर माँगते हुए कहा समंझूगी तब मैं सच्चे हो जब मुझको यह वरदान मिले,वंचित हो राम,भरत को राजतिलक सम्मान मिले और दुसरे वर में कहा जो वस्त्र हैं साधु संतो के वह राम करे धारण तन मे,त्यागी हों चौदह वर्षों को विश्राम करे जाकर वन में सुनकर दशरथ रो रो कर अपने प्राण त्याग देता है । 

राम,लक्ष्मन और सीता को केवट नदि पार करवाते हैं और श्रीराम को वचन देते हैं कि वह उनका वापिस आने का 14 वर्षों तक यही इंतजार करेगा यह दर्शय दर्शकों को भावुक कर देता है और उसके बाद जब भरत और शत्रुघ्र ननिहाल से अयोघ्या आते हैं तो भरत को केकई उसको अपने दोनों वर र्मागने तथा दशरथ की मृत्यु का समाचार देती है तो भरत व शत्रुघ्र पागलों सा रोने लगते हैं शत्रुघ्र बने मोहित छाबड़ा ने जब मंथरा को लात मारी तो दर्शकों ने तालियां बजाई और जब भरत बने सन्नी ने यह संवाद बोला हो गया होना लिखा था हमारे भाग में , राम का सेवक चला राम के अनुराग में  तो दर्शक भावुक हुए । बाल कलाकारों ने भी आज सीता स्वंमवर और केकई मंथरा संवाद किया जिसमें जनक अमन नागपाल,सीता रिद्वी खरबंदा,राम आकर्षण नागपाल,लक्ष्मन साहिब खरबंदा,रावण विद्वांश खरबंदा,परशुराम हार्दिक बत्तरा,केकई निष्ठा नागपाल व केकई प्रियंजा बने ।

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