Monday, September 18, 2017

विश्वकर्मा शिल्पी अपने विशिष्ट ज्ञान एवं विज्ञान के कारण ही सभी के लिए पूजित व वंदित है- रतन लाल शर्मा



फरीदाबाद। 18 सितंबर(abtaknews.com)श्री विश्वकर्मा जयंती पर बल्लभगढ़ की टांक ब्राहमण धर्मशाला में श्री विश्वकर्मा टांक ब्राहमण सभा व जवाहर कालोनी में हरियाणा पाचंाल ब्राहमण महासभा द्वारा श्री विश्वकर्म दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में अखिल भारतीय विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा के राष्ट्रीय सचिव एवं हरियाणा प्रभारी रतन लाल शर्मा(विश्वकर्मा) उपस्थित थे। इस अवसर पर रतनलाल शर्मा ने सिंगला धर्मशाला से श्री विश्वकर्मा जी के जीवन पर बनाई गई सुन्दर सुन्दर झांकियों को रिबन काटकर रवाना किया। इस मौके पर कार्यक्रम के आयोजकों ने रतनलाल शर्मा को पगड़ी पहनाकर और स्मृति चिन्ह्र भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर रतन लाल शर्मा ने कहा कि हम अपने प्राचीन ग्रंथो उपनिषद एवं पुराण आदि का अवलोकन करें तो पायेगें कि आदि काल से ही विश्वकर्मा शिल्पी अपने विशिष्ट ज्ञान एवं विज्ञान के कारण ही न मात्र मानवों अपितु देवगणों द्वारा भी पूजित और वंदित है । भगवान विश्वकर्मा के आविष्कार एवं निर्माण कोर्यों के सन्दर्भ में इन्द्रपुरी, यमपुरी, वरुणपुरी, कुबेरपुरी, पाण्डवपुरी, सुदामापुरी, शिवमण्डलपुरी आदि का निर्माण इनके द्वारा किया गया है । पुष्पक विमान का निर्माण तथा सभी देवों के भवन और उनके दैनिक उपयोगी होने वाले वस्तुएं भी इनके द्वारा ही बनाया गया है ।

रतन लाल शर्मा ने कहा कि आज के इस शुभ दिन हमें प्रण लेना है कि  पूरे विश्वकर्मा वंशजों लौहार,बढ़ई,कसेरा,शिल्पी,स्वर्णकार,पांचाल,धीमान,जांगिड़,मैथिल,रामगढिया को एक ही छत के नीचे लाना है। उन्होनें कहा कि  समाज की तरक्की और राजनैतिक क्षेत्र में उनके समाज की उचित भागीदारी के लिए वे एड़ी चोटी का जोर लगा देगें। रतन लाल शर्मा ने कहा कि उनकी प्राथमिकता रहेगी कि विश्वकर्मा वंशज समाज जोकि अलग अलग नामों से बिखरे हुए है इन सभी को एकजुट करके एकता की मिसाल पेश की जा सके। इस अवसर पर प्रधान हनुमान जांगढ़,राजेन्द्र जागिड़,वेद,टेकचन्द,केवल,सुभाष पांचाल सहित सैकडों लोग मौजूद थे।





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