Thursday, September 14, 2017

‘हिन्दी दिवस’ पर वाईएमसीए विश्वविद्यालय में परिचर्चा का आयोजन


फरीदाबाद, 14 सितम्बर । वाईएमसीए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, फरीदाबाद द्वारा ‘हिन्दी दिवस’ के उपलक्ष्य में राष्ट्रभाषा हिन्दी को लेकर एक परिचर्चा की गई, जिसमें हिन्दी साहित्य से जुड़़े लोगों ने हिस्सा लिया और हिन्दी दिवस के महत्व तथा वर्तमान में हिन्दी की प्रासंगिकता को लेकर परिचर्चा की।
उल्लेखनीय है कि हिन्दी देवनागरी लिपि को में भारत की कार्यकारी और राष्ट्रभाषा का अधिकारिक दर्जा 14 सितम्बर 1949 को दिया गया था और इसी उपलक्ष्य में प्रतिवर्ष 14 सितम्बर ‘हिन्दी दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। 
कार्यक्रम का प्रारंभ विधिवत रूप से दीप प्रज्वलन तथा सरस्वती वंदना से हुआ। हिन्दी की प्रासंगिकता पर बोलते हुए कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने कहा कि हिन्दी हमारी राष्ट्रभाषा है और यह हमारा कर्तव्य है कि इसे सम्मान दें। उन्होंने माना कि टेक्नॉलोजी से जुडऩे के लिए अंग्रेजी भाषा जरूरी है लेकिन राष्ट्रभाषा हिन्दी में जो भावनात्मक जुड़ाव है, वह अंग्रेजी में नहीं है। इसलिए हमें हिन्दी को गर्व और गौरव के साथ अपनाना चाहिए। देश में हिन्दी एक ही ऐसी भाषा है जिसमें कई भाषाओं का समावेश है जो हमें एकता के सूत्र में बांधती है।

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