Sunday, September 3, 2017

प्रदेश सरकार ने हर कमजोर तबके को दबाने का काम किया : राजकुमार सैनी


फरीदाबाद 3 सितम्बर। कुरूक्षेत्र से भाजपा सांसद एवं लोकतंत्र सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार सैनी ने कहा है कि प्रदेश सरकार ने हर कमजोर तबके को दबाने का काम किया है। जबकि धनाढ्य लोगों को ही लाभ पहुंचाने का काम किया है। आज हर गरीब व्यक्ति इस सरकार की कारगुजारियों से परेशान है। पूर्व की कांग्रेस व इनेलों को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि इन दोनों पार्टियों ने अपने से जुड़े जाति विशेष के लोगों का भला किया है। गरीब व्यक्ति आज भी सडक़ पर ही धक्के खाने को मजबूर है।
श्री सैनी कल देर सायं अखिल भारतीय विमुक्त एवं घुमन्तू जनजाति वेलफेयर संघ की हरियाणा प्रदेश की इकाई द्वारा आयोजित 66 वें मुक्ति दिवस पर दशहरा ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को सम्बोधित कर रहे थे। जिसकी अध्यक्षता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविन्द्र कुमार सिंह ने की। 
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में बीजेपी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष (एस सी मोर्चा) अशोक मेंढे, पद्मश्री अवार्डी श्रीमती गुलाबो सपेरा, हरियाणा प्रदेशाध्यक्ष मास्टर जिले सिंह, कार्यक्रम में लोकतंत्र सुरक्षा मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं फरीदाबाद के प्रभारी खेमचंद सैनी, संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी डा. राजेन्द्र प्रताप सिंह राना, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महेन्द्र सिंह, राष्ट्रीय महासचिव बालक राम बारिया, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री लालचंद, महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ रानू सिंह, महिला राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रीमति अरुना छारी, उत्तर प्रदेश अध्यक्ष कृपा शंकर, मध्य प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र सिशोदिया, महाराष्ट्र अध्यक्ष शिवचरण शेरावत, महासचिव डी सी राठौर, राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष हीरा लाल कालबेलिया के अलावा संघ के हजारों कार्यकर्ताओ ने भाग लिया।
इस अवसर पर सांसद श्री सैनी ने कहा कि प्रदेश के विधायक और राज्यसभा सांसद अपनी हाईकमान के सामने कबूतर की तरह खड़े रहते है। कभी भी अपनी क्षेत्र की बात को दमदार तरीके से नहीं उठाते है। उन्होंने छत्तीस बिरादरी की बात को उठाया है और हमेशा उठाते रहेगें। उन्होंने कहा कि 70 प्रतिशत मंत्री कमजोर है अगर उन्हें जनता से दोबारा से 2019 में मौका दिया तो पैसे से टिकट नहीं बिकेगी जिसका हक होगा उससे ही टिकट मिलेगी। प्रदेश में सभी को बराबर का दर्जा देगें। श्री सैनी ने प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि हाईकोर्ट जिसको आरक्षण देने की याचिका खारिज कर रहा है। सरकार लोगों पर अत्याचार करने वालों को मुआवजा दे रही है। उन पर दर्ज हुए आपराधिक मामलों को वापिस ले रही है, लेकिन इसके अलावा किसी विधायक व सांसद ने अभी तक आवाज भी नहीं उठाई है। उन्होंने कहा कि वह छह महीने में पार्टी का ऐलान कर सकते है। उनका उद्देश्य प्रदेश में सामनता बनाना है। 
संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि जिन कबीलो के पूर्वजो ने देश की आजादी के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया और गुरिल्ला युद्ध में माहिर होने के कारण मुगलों के बाद अंग्रेजो की नींद उड़ा रखी थी। क्योंकि यह सभी कबीले घुमन्तू जनजाति के होने के कारण अंग्रेजों को मारते और उनका असला लेकर जंगलो में चले जाते थे और 1857 के युद्ध में इन कबीलो की मुख्य भूमिका थी जिससे घबराकर अंग्रेजो  ने इन 193 कबीलों को चिन्हित कर 1871 मे क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट लगाकर तरह-तरह की यातनाये दी बहुतों को फांसी की सजा बहुतों को काला पानी की सजा दी और इन काबिले के लोगों को अलग से जेल बनाकर परिवार सहित रखा जाता था।
श्री सिंह ने कहा कि हमारा देश 15 अगस्त 1947 को आजाद हो गया लेकिन आजाद भारत मे 193 कबीलों को आजाद नही किया गया। जब हमारे प्रथम गृहमंत्री सरदार बल्लभ भाई पटेल ने जगह-जगह जेलों का दौरा किया तब उन्होंने इन कबीलो को आजाद करने के लिए 1949-50 साइमन एंगर कमेटी का गठन किया और उनकी वजह से यह काबिले 31 अगस्त 1952 को आजाद कर दिये गये और तभी से सरकार ने इन कबीलो को विमुक्त जाति नाम दिया। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण यह रहा 82 साल की कैद के कारण यह काबिले सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक दशा में पिछड़ गये। 
सरकार ने इन कबीलो के साथ आज अंग्रेजो की तरह ही सलूक किया देश की आजादी के लिए सब कुछ गवाने वाले इन कबीलों को स्वतंत्रता सेनानी होने का सम्मान भी नही दिया और आजादी के 70 साल बाद भी यह लोग विकास की दौड़ में दुनिया से 82 साल पीछे हैं। तब से यह काबिले अपना स्वतंत्रता दिवस 31 अगस्त को हर साल मुक्ति दिवस के रूप में मनाते है। सरकार ने आज तक इन कबीलो के विकास के लिए सिर्फ आयोग पर आयोग बैठाती आई है लेकिन उन आयोगों  रिपोर्टों को लागू न कर  रद्दी की टोकरी में डालती आयी हैं। विमुक्त घूमन्तू कबीलो के 96:  आबादी आज भी सडक़ो के किनारेए सीवरेज के पाइपो में, तरपालो में नरकीय जीवन व्यतीत कर रही हैं। 20 करोड़ की जनसंख्या होने के बाद भी विमुक्त घूमन्तू जनजाति के कबीलो को आजतक सिर्फ वोट बैंक समझा जाता हैं। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। भारतीय जनता पार्टी ने भी राष्ट्रीय विमुक्त घुमंतू आयोग का गठन किया है जिसके चैयरमैन भीकूराम इदाते है।

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