Sunday, September 3, 2017

एशियन अस्पताल में मोटापे पर सार्वजनिक काउंसलिंग का आयोजन


फरीदाबाद 3 सितंबर । एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ अस्पताल ने अपने प्रांगण में एक सार्वजनिक जागरुकता  कार्यक्रम का आयोजन किया। इस सार्वजनिक काउंसलिंग में मोटापा और उससे होने वाली गंभीर समस्याओं पर चर्चा की गई।  एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ अस्पताल के डायरेक्टर मिनिमल इंवेसिव एंड जनरल सर्जरी डॉ. प्रबल रॉय ने लोगों को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में करीब १५० लोग शामिल हुए और उन्होंने मोटापे से संबंधित जानकारी हांसिल की। इस दौरान डॉ. पी.एस आहुजा, डॉ. अनुष्टुप डे और सीनियर डाइटीशियन डॉ. शिल्पा ठाकुर ने भी लोगों को संबोधित किया। 
डॉ. प्रबल रॉय ने बताया कि कुछ बीमारियां तो कुदरत की देन होती हैं, लेकिन कुछ बीमारियों को हम अपनी गलत आदतों के कारण अपनाते हैं। इनमें मुख्य है मोटापा। मोटापा इंसान को निष्क्रिय बना देता है। इसलिए मैं हर व्यक्ति को नियमित रूप से व्यायाम करने और संतुलित आहार के सेवन की सलाह देता हूं, ताकि आप हर प्रकार की बीमारी से  बचे रहें। मोटापा एक गंभीर समस्या है जो वर्तमान जीवनशैली, अनियंत्रित खानपान और शरीरिक श्रम न करने के कारण बढ़ती जा रही है। 
मोटापा क्या है: मोटापा एक ऐसी बीमारी है जो मोटापा मधुमेह, थायराइड, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग आदि से संबंधी अन्य गंभीर बीमारियों को जन्म देता है। साथ ही शरीर बेडौल और भद्दा नज़र आता है। डॉ. प्रबल का कहना है कि पहले उम्रदराज लोगों को बीमारियां अपनी चपेट में लेती थीं, लेकिन मोटापे का शिकार होने वाले लोगों में आज का युवा वर्ग व बच्चे भी शामिल हंै। मोटापे से ग्रस्त लोग वजन कम करने के लिए विभिन्न तरीके ढूंढते और अजमाते रहते हैं, लेकिन वजन बढऩे के कारणों को जानने की कोशिश भी नहीं करते। अगर इनके कारणों को जानकार उनको हल किया जाए तो मोटापे से बचा जा सकता है। हम इस समस्या का समाधान स्वयं निकाल सकते हैं। 
मोटापा के कारण: मोटापे का मुख्य कारण आलस, गलत खान-पान, किसी तरह की बीमारी जैसे- पैरों या घुटनों की समस्या, वंशानुगत समस्या या गतिहीन जीवनशैली हो सकते हैं। 
मोटापे से बचाव: शारीरिक श्रम, नियमित व्यायाम, सुबह-शाम सैर आदि के माध्यम से मोटापे से बच सकते हैं। 

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