Thursday, September 14, 2017

विश्वामित्र को जंगल में तंग करते राक्षसों के अभिनय पर किया अभ्यास


फरीदाबाद 14 सितंबर । श्री धार्मिक लीला कमेटी 5 नम्बर एम ब्लाक में आज गुरू विश्वामित्र को राक्षसों द्वारा तंग करने का अभ्यास किया गया । र्निदेशक हरीश चन्द्र आज़ाद ने बताया कि अब हम अभ्यास हर बरीक से बारीक कमी को पूरा करने पर ज़ोर दे रहे हैं ताकि अदभुत कला से दर्शकों का मनोरजंन हो इस कड़ी में आज विश्वामित्र का पात्र निभा रहे अमित नागपाल ने राक्षसों द्वारा उनका यज्ञ भंग करने पर क्रोधित होकर अपने संवाद बोलने का अभ्यास कई बार किया और राक्षसों को भी गुरू विश्वामित्र को तंग करने का अभ्यास करवाया गया । इन सबके साथ मारीच व छोटे राम-लक्ष्मन युद्व का अभ्यास भी करवाया गया जिसमें मारीच का यह संवाद एक ओरत को मारकर उछल रहा रणबीच, बच कर जायंगा कहां जब आ पहुचां मारीच दर्शकों की तालियां जरूर बटोरेगा । मारीच का रोल निभा रहे सौरभ बत्तरा ने भी अपने अंतिम अभ्यास में पसीना बहाया ।
र्निदेशक हरीश आज़ाद ने बताया कि पहली बार दशरथ बन रहे अनिल नागपाल एक ही दिन में निभायेगें डब्ल रोल एैसा किसी रामलीला के मंचन पर पहली बार होगा कि एक ही दिन में एक कलाकार दो अलग अलग रोल निभायेगा । अनिल नागपाल राम जन्म में एक ही दिन में पहले दशरथ और फिर राक्षस के रोल में ताडक़ा का स्यापा करते हुए नज़र आयेगें उन्होने कहा कि यह आसान नही होता बार बार मैकअप बदलना ।

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