Sunday, September 10, 2017

लाला जगत नारायण जी को भावभीनी श्रद्धांजली



नई दिल्ली(abtaknews.com) : वयोवृद्ध पत्रकार एवं हिन्द समाचार पत्र समूह के सम्पादक लाला जगत नारायण जी की पुण्यतिथि पर आज षाहदरा स्थित राश्ट्रवादी शिवसेना कार्यालय मे श्रद्धांजली सभा का आयोजन किया गया जिसमें लाला जी को भावभीनी श्रद्धाजंली अर्पित की गई।सभा में पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राश्ट्रवादी षिवसेना के राश्ट्रीय अध्यक्ष एवं यूनाईटेड हिन्दू फ्रंट के अंर्तराश्ट्रीय महासचिव  जय भगवान गोयल ने बताया कि क्रूर आंतकी हत्यारों ने लाला जी की वृद्धावस्था में गोलियों से छलनी कर हत्या कर दी थी। लाला जी की लेखनी आंतकवादियों के आगे कभी नहीं झुकी। लाला जी के सम्पादकीय पंजाब में हिन्दू-सिख एकता व भाईचारे के प्रतीक बन गए थे जो सिख आंतकवादियों को स्वीकार नहीं हुआ और लुधियाना के निकट उनकी निर्ममता पूर्वक हत्या कर दी गई। लाला जी की लेखनी व हिन्द समाचार ग्रुप के प्रकाशन पंजाब में हिन्दुओं की आवाज बने रहे और यहीं कारण है कि खालिस्तानी समर्थकों को मुंह की खानी पड़ी।

देश मे 1984 के दंगो में मारे गए सिखों के सिखों के मामलो की समीक्षा के नाम पर नई कमेटी के गठन के बारे में अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए श्री गोयल ने कहा कि गुरूद्वारा प्रबंधन समितियां एवं केन्द्र व राज्य सरकारें मृतक सिखों के परिवारों को मुआवजा दे चुके हैं और दे रहे हैं लेकिन पंजाब में आंतकवाद के काले दौर में 30000 निर्दोश हिन्दुओं की हत्या पर सरकारें मौन क्यों है। मृतक हिन्दुओं के परिवारों को मात्र 50000 या 1 लाख रूपए देकर टरका दिया गया जबकि सिखों को अभी भी मुआवजा के नाम पर धनराषि उपलब्ध कराई जा रही है। सिखों का खून खून और हिन्दुओं का खून पानी, ऐसा क्यों? सरकार को हिन्दुओं और सिखो में मुआवजा देते समय कोई भेद भाव नहीं बरतना चाहिए। उन्होंने अपनी मांग दोहराई कि इन 30000 निर्दोश हिन्दू षहीदों के परिवारो को भारत सरकार द्वारा उचित मुआवजा दिया जाए व उनकी स्मृति में दिल्ली अथवा पंजाब में एक भव्य स्मारक का निर्माण किया जाए।
श्री गोयल ने कहा कि पंजाब ही नहीं पूरा देष लाला जी के बलिदान को कभी नहीं भूल सकता। उन्होंने हिंदुत्व की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया था जो आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्ररेणा का काम करता रहेगा। लाला जी को सच्ची श्रद्धांजली मारे गए निर्दोश हिन्दुओं के परिवारों को भी 84 के दंगों में मारे गए सिखों की तर्ज पर सरकार द्वारा मुआवजा देने व हिन्दू षहीदों की स्मृति में एक स्मारक के निर्माण करने से पूरी होगी। 30000 निर्दोश हिन्दुओं की क्रूर हत्या किए जाने की जांच के लिए एक निश्पक्ष जांच आयोग गठित करने की भी श्री गोयल ने अपनी जोरदार मांग दोहराई।श्रद्धांजली सभा में शामिल होने वाले महानुभावों में सर्वश्री धर्मेंद्र बेदी, विनोद गुप्ता, विक्रम गुप्ता, रमेश खन्ना, राजकुमार पाण्डेय, मोहित शर्मा, रवि कुमार व सुखबीर शर्मा के नाम उल्लेखनीय हैं।

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