Tuesday, September 26, 2017

दशहरा पर्व मिलकर मनाने को लेकर दोनों नहीं बनी सहमति, एक पक्ष ने किया इंकार


फरीदाबाद(abtaknews.com )26 सितंबर। एनआईटी में दशहरा पर्व को लेकर दो संस्थाओ के बीच चले आ रहे विवाद को सुलझाने के लिए  जिला प्रशासन ने दोनों पक्षों सिद्धपीठ श्री हनुमान मंदिर व फरीदाबाद धार्मिक एवं सामाजिक संगठन के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। प्रशासन ने दोनों पक्षों को मिलजुल कर दशहरा मनाने के लिए कहा, मगर फरीदाबाद धार्मिक एवं सामाजिक संगठन के पदाधिकारियों ने इससे इंकार कर दिया, जिससे बैठक बेनतीजा ही निपट गई। बैठक में अतिरिक्त उपायक्त, एसडीएम, डीसीपी आस्था मोदी मौजूद थी।
अतिरिक्त उपायक्त जितेंद्र सिंह ने दोनों पक्षों के पदाधिकारियों को समझाते हुए कहा कि यह त्यौहार किसी व्यक्ति विशेष का नहीं बल्कि पूरे शहर के लोगों का है। उन्होंने दोनों पक्षों से कहा कि त्योहार पहले की तरह मनाया जाए, इसके लिए दोनों पक्षों को मिलजुल कर आपसी भाईचारे का संदेश दें और दशहरा मिल कर मनाएं। प्रशासन की बातों पर सिद्धपीठ हनुमान मंदिर के पदाधिकारियों ने सहमति जताई दी, मगर फरीदाबाद एवं धार्मिक सामाजिक संगठन के प्रधान जोगिंद्र चावला इसके लिए तैयार नहीं हुए। उन्होंने कहाकि परमिशन एक ही पक्ष को दी जाए ना की दोनों को और उन्होंने सिद्धपीठ श्री हनुमान मंदिर के साथ मिलकर दशहरा मनाने से इंकार कर दिया। बैठक में मौजूद डीसीपी एनआईटी आस्था मोदी ने कहा कि वह सुरक्षा के पूरे इंतजाम करेंगी, जिससे दोनों पक्षों को किसी भी तरह कोई परेशानी न हो।
सिद्धपीठ हनुमान मंदिर के प्रधान राजेश भाटिया ने कहा कि उनके मन में कोई भेदभाव नहीं है, वे सभी के साथ मिल कर दशहरा मानना चाहते है। राजेश भाटिया ने कहा कि पर्व किसी जाति धर्म का नहीं होता, त्योहार सभी मिल कर मानते हैं। मगर पिछले वर्ष जिस तरह की राजनीती की गई थी और उन्हें दशहरा मनाने नहीं दिया गया था, वह सही नहीं था। उन्होंने कहाकि विधायक सीमा त्रिखा ने राजनीति के कारण दशहरा मनाने की अनुमति फरीदाबाद धार्मिक एवं सामाजिक संगठन को दे दी थी और सिद्धपीठ हनुमान मंदिर द्वारा बनाए गए रावण को जेसीबी से उठवा कर फिकवा दिया था।

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