Wednesday, September 6, 2017

श्री वैश्य अग्रवाल सभा पलवल द्वारा शिक्षक दिवस सम्मान समारोह का आयोजन


पलवल(abtaknews.com) श्री वैश्य अग्रवाल सभा पलवल द्वारा भवनकुंड चौक स्थित श्यामाकुंज वाटिका में शिक्षक दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम बड़ा ही मनमोहक रहा जिसमें अग्रवाल समाज के सैंकड़ो शिक्षकों ने भाग लिया जिनमें रिटायर्ड व नियुक्ति वाले शिक्षक शामिल रहे। कार्यक्रम की शुरुआत महाराजा अग्रसैन प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित करके की तथा स्वागत गीत व पुष्प माला डालकर अतिथियों का स्वागत किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय रेवाड़ी एवं भगत फूलसिंह महिला विश्वविद्यालय खानपुरकलां के कुलपति प्रो. डा. एसपी बंसल ने कहा है कि विद्यार्थियों को किताबी कीड़ा बनाने के बजाय एक अच्छा इंसान बनाएं। डाक्टर इंजीनियर बनाने के साथ-साथ उन्हें ऐसा इंसान बनाएं, जो समाज व देश हित में सोचे। उन्होंने कहा कि आज शिक्षा गुणात्मक सुधार की आवश्यकता है। आज देश को गुरूकुल प्रणाली जैसी शिक्षा चाहिए। जिससे हमारे बच्चे अच्छे इंसान बन सकें तथा देश व समाज का विकास करने में अपना योगदान दे सकें। कार्यक्रम की अध्यक्षता अग्रवाल सभा के प्रधान ओम प्रकाश गुप्ता ने की। हरियाणा वैश्य महासम्मेलन के महामंत्री दुर्गादत्त गोयल विश्ष्ठि अतिथि थे। डा. बंसल ने कहा कि आज शिक्षा का पतन हो रहा है। उसे रोकने के लिए बच्चों को शिक्षा में शामिल करना होगा। उनकी सोच बदलनी होगी। बच्चों को ऐसा बनाएं कि वह रोजगार देने वाला बने, न कि रोजगार मांगने वाला। जिस दिन बच्चों में ऐसी सोच आ जाएगी, उस दिन शिक्षा का स्तर ऊंचा उठने लगेगा। डा. बंसल ने कहा कि बच्चों को सकारात्मा सोच वाला बनाएं। उनके अंदर प्रवेश कर रही नकारात्मक सोच को खत्म कराएं। बच्चों को समझाएं कि वे शिक्षकों को सर बोलने के बजाय आचार्य बोलना शुरू करें। बच्चों के अंदर जिस दिन सकारात्मक सोच आनी शुरू हो जाएगी, उस दिन उनका जीवन बदल जाएगा। वे इंजीनियर व डाक्टर तो बनेंगे, साथ ही ऐसा इंसान भी बनेंगे, जो समाज, देश व राष्ट्र के बारे में सोचेगा। डा. बंसल ने कहा कि बच्चों में ऐसी सोच पैदा करें कि वह रिश्ते बनाना सीखें न कि तोडऩा। उनका चरित्र निर्माण करें। यह सब केवल एक गुरू ही कर सकता है। शिक्षकों को भी अपनी सोच बदलनी होगी। शिक्षकों को बच्चों को ज्यादा अंक दिलाने पर जोर देने के बजाय उन्हें बेहतर इंसान बनाने का रवैया अपनाना पड़ेगा। जिस दिन शिक्षक ऐसा सोचना शुरू कर देंगे, उस दिन शिक्षा का स्तर पूरी तरह से सुधर जाएगा। पतन होना बंद हो जाएगा। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि बच्चों को एक साल का महाराजा अग्रसेन के नाम पर डिप्लोमा कराया जाए। उन्होंने कहा कि हमें गर्व होना चाहिए कि हम महाराजा अग्रसेन की औलाद हैं। उनके बताए मार्ग पर चलना चाहिए। 
इस अवसर पर जिले में लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरस्वती महिला महाविद्यालय के संस्थापक स्व. लखन पाल मंगला के पुत्र अतुल मंगला, शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर काम करने पर डीएवी की प्रधानाचार्या अलका गुप्ता, महेंद्र गर्ग शास्त्री, एमपी अग्रवाल, यशपाल गर्ग को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को दिनेश अग्रवाल, गुलशन राय गोयल, महेंद्र सिंगला, अतुल मंगला, अलका गुप्ता, संजीव मंगला ने संबोधित किया।

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