Saturday, September 16, 2017

पहलु खां की हत्या के आरोपियों को क्लीन चिट दिए जाने पर कम्युनिस्ट पार्टी ने जताया विरोध



रोहतक(abtaknews.com)16 सितंबर,2017: भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के हरियाणा राज्य सचिवमंडल ने राजस्थान पुलिस की सी.आई.डी.-सी.बी.जांच में मेवात के पशुपालक पहलु खां की हत्या के सभी छह आरोपियों को क्लीन चिट दिए जाने पर गहरी चिंता प्रकट की है।ध्यान रहे कि गत 1 अपै्रल को राजस्थान के बहरोड़ में पहलु खां व कई अन्य लोगों पर तथाकथित गौर रक्षकों ने उस  समय हमला किया था जब वे जयपुर के पशु मेले से गाय खरीद कर अपने गांव जय सिंह पुर(जिला नूंह) ले जा रहे थे। इस हमले में पहलु खां गंभीर रूप से घायल हुआ था और दो दिन बाद अस्पताल में ईलाज के दौरान  उनकी मौत हो गई थी। इस हमले की प्रथम सूचना रिपोर्ट में पहलु खां ने इन  छ: लोगों का नाम लिया था। हमलावर आपस में इन्हीं नामों से एक दूसरे को पुकार रहे थे। ये सभी आर.एस.एस. से सम्बन्धित बजरंग दल, विश्व हिन्दु परिषद आदि संगठनों के पदाधिकारी हैं। 

इस हमले के समय भी राजस्थान पुलिस व राज्य के गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया की भूमिका आरोपियों के प्रति बचाव करने की रही थी जिसकी व्यापक आलोचना हुई थी। राजस्थान पुलिस सीधे गृहमंत्री के अधीन है। अब इस जांच के नाम पर राजस्थान की सरकार संघ परिवार के अपराधियों को बचाने में लगी हुई है।पार्टी के  राज्य सचिव सुरेन्द्र सिंह ने यहां एक बयान  में कहा है कि अपराधियों को बचाने का ऐसा ही षड़यंत्र रेलवे पुलिस ने खंदावली के नौजवान जुनैद के हत्यारों को बचाने के लिए भी रचा था। इस  केस में भी जांच के नाम पर आरोपित हत्यारों को संदेह का लाभ दिया गया।उन्होंने कहा कि इन दोनों मामलों में भाजपा की सरकारों का रवैया आर.एस.एस. से सम्बन्ध हत्यारों को बचाने के लिए पुलिस जांच को प्रभावित करने का रहा है।

माकपा ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक ओर तो सार्वजनिक घोषणा करते हैं कि गौरक्षा के नाम पर किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कारवाई की जाएगी, परंतु उन्हीं की पार्टी की राज्य सरकारें ऐसे दोषियों का संरक्षण प्रदान कर रही हैं। दरअसल यह सारी प्रक्रिया भाजपा-आर.एस.एस.के उस घृणित एजेंडा का ही हिस्सा  है जिसके तहत गौरक्षा के नाम पर समाज में तनाव फैलाकर अल्प संख्यकों को हमलों का निशाना बनाया जा रहा है।  अल्पसंख्यकों के प्रति भाजपा के तिरस्कार और दुराग्रह के चलते ही हरियाणा का कोई मंत्री अथवा अधिकारी पहलु खां के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करने तक नहीं गया था।माकपा ने मांग की है कि पहलु खां की हत्या की जांच न्यायालय की सीधी देखरेख में हो क्योंकि इस केस में न्याय के लिए राजस्थान पुलिस पर विश्वास नहीं किया जा सकता।

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