Monday, September 25, 2017

तहसीलों में भ्रष्टाचार के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे बार के पूर्व प्रधान एल. एन. पाराशर



फरीदाबाद 25 सितम्बर(abtaknews.com ) न्यायिक सुधार संघर्ष समिति के अध्यक्ष एवं बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट एल.एन. पाराशर तहसीलों में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि हरियाणा में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार फरीदाबाद की तहसीलों में है और तिगांव का तहसीलदार तो खुद को मोहम्मद बिन तुगलक समझता है जिसने अपने तानाशाही रवैये से भ्रष्टाचार को खुली छूट दे रखी है। इसलिए भ्रष्टाचार के इन सभी मामलों की सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए।

एडवोकेट एल.एन. पाराशर ने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खुद को ईमानदार कहते हैं लेकिन उनके संरक्षण में बेईमान फल-फूल रहे हैं। तहसीलों में खुलेआम रिश्वत लेने वाले अधिकारी व कर्मचारी कहते हैं कि वे इसका हिस्सा जिला उपायुक्त तक पहुंचाते हैं। इस हिसाब से तो जिला उपायुक्त मुख्यमंत्री तक हिस्सा पहुंचाता होगा! जबकि जिला उपायुक्त खुद को ईमानदार कहते हैं तो इन हालात में उन्हें खुद को बदनाम करने वाले तहसीलदारों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करनी चाहिए।

श्री पाराशर ने कहा कि तहसीलों में भ्रष्टाचार का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एक फ्लैट की रजिस्ट्री के लिए दो से तीन लाख रुपए रिश्वत वसूली जा रही है जबकि अवैध कालोनियों में प्लाट की रजिस्ट्री करने के नाम पर 30 से 40 हजार रुपए रिश्वत ली जा रही है। बढख़ल, तिगांव, बल्लबगढ़ एवं फरीदाबाद तहसील में तहसीलदारों के दलाल खुलेआम घूम रहे हैं जो कि काम कराने का ठेका लेते हैं। एक मामले में एक व्यक्ति कोर्ट में वकील के पास पहुंचा और उस से कहा कि अवैध कालोनी में प्लाट की रजिस्ट्री करवा दो। तो वकील ने कहा कि अभी रजिस्ट्री बन्द हैं जब खुलेगी तब करवा दूंगा। बाद में पता चला कि उस व्यक्ति के कई जानकारों की उसी एरिए में रजिस्ट्री हो गई जबकि उस व्यक्ति की रजिस्ट्री इसलिए नहीं हो पाई क्योंकि उसके वकील ने रिश्वत देकर रजिस्ट्री कराने से मना कर दिया था।

तहसीलों में व्याप्त भ्रष्टाचार के कारण रजिस्ट्री के सही मामलों में भी सुविधा शुल्क वसूला जाता है। इसी भ्रष्टाचार के चलते कोर्टों में तकसीम के दावे लंबित पड़े रहते हैं क्योंकि तहसीलदार ऑफिस के लोग काम करने की जगह केवल रिश्वत लेने में जुटे रहते हैं। तहसीलदार ऑफिस के लेट-लतीफ कर्मचारियों के कारण कोर्ट चाहकर भी लोगों को न्याय नहीं दे पा रहा। अगर सीबीआई जांच हो जाए तो यह साबित हो जाएगा कि अवैध कालोनियों में रजिस्ट्री की रोक होने के बावजूद भी रजिस्ट्री कराने का काम धड़ल्ले से चल रहा है। श्री पाराशर ने कहा कि वे इस मामले की शिकायत हरियाणा के मुख्यमंत्री, फाइनेंस मिनिस्टर एवं देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भेजेंगे एवं तिगांव के तहसीलदार की सबूतों सहित शिकायतों को मद्देनजर रखते हुए भ्रष्टाचार का केस दर्ज कराएंगे।

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