Sunday, September 17, 2017

पुलिस की दो वर्दियां ने देख अचंभित हो गए ग्रामीण, नाटक मंचन को खूब मिली वाहवाही


फरीदाबाद(abtaknews.com ) 17 सितंबर,2017 ; गांव के लोगों के लिए नाटकों का मंचन करना एमडी यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर यूथ वेलफेयर डॉ जगवीर राठी का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इस प्रोजेक्ट की शुरूआत उन्होंने शनिवार शाम फरीदाबाद के गांव महावतपुर से की। फरीदाबाद की संस्था बृजनट मंडली द्वारा आयोजित कार्यक्रम एक शाम पुलिस के नाम में जगवीर राठी ने अपना द्वारा निर्देशित नाटक दो वर्दियां का मचन कर इस प्रोजेक्ट की शुरूआत की। गांव के सरकारी स्कूल में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान गांव महमदपुर के सरपंच के रामसिंह नेताजी ओर केशव भारद्वाज मु य अतिथि के रुप में मौजूद थी। विशिष्ठ अतिथि के रुप में उद्योगपति जगत मदान, जिला पार्षद जगत सिंह एडवोकेट के रुप में मौजूद थे। कार्यक्रम की अध्यखता एसीपी क्राइम राजेश चेची ने की।

पुलिस कर्मी की जिंदगी पर आधरित इस हास्य नाटक में यह बताने का प्रयास किया गया कि पुलिस की नौकरी भी बॉर्डर पर तैनात किसी सैनिक से कम नहीं है। फर्क सिर्फ इतना है कि बॉर्डर पर तैनात सैनिकों को अपने दुश्मनों के बारे में जानकारी होती है, तो शहरद के दूसरी तरफ खड़े होते हैं। वहीं पुलिस को अपने दुश्मनों की जानकारी नहीं होती। उन्हें समाज में रहकर ही अपने बीच के ही लोगों से लडऩा पड़ता है। 24 घंटे ड्यूटी करने
वाले पुलिस के जवान को खूब मेहनत करने के बाद भी सैनिकों जैसा सम्मान नहीं मिलता। समाज की सेवा करने के बदले उन्हें केवल गालियां ही मिलती हैं।

पुलिस व सैनिक दोनों लगभग एक जैसी वर्दियां पहनते हैं और दोनों देश सेवा ही करते हैं, लेकिन फिर भी दोनों
में फर्क किया जाता है। नाटक में पुलिस के कामों में होने वाले राजनैतिक हस्ताक्षेप को भी एक अलग ढंग से दिखाया गया। नाटक के निर्देशक जगवीर राठी के अनुसार अक्सर सैनिकों के जीवन व उनकी
बाहदूरी पर ही आधारित नाटक बनते रहे हैं। पुलिस की लाइफ व उनकी ड्यूटी के संघर्ष पर आधारित नाटक बहुत कम हैं। ऐसे में हमने इस नाटक के माध्यम एक पुलिस कर्मी के संघर्ष को दिखाने का प्रयास किया है। सभी लोगों से गालियां सुनने के बाद भी एक पुलिस कर्मी तीज त्योहारों पर दूर रहकर अपने कर्तव्य का पालन करता है। जगवीर राठी ने बताया कि गांवों में नाटकों का मंचन करना उनका एक बड़ा सपना है। शहर के सभागारों में तो अक्सर नाटक होते रहते हैं, लेकिन गांवों में इनका मंचन नाम मात्र को है।

ऐसे में हमने इस कार्यक्रम के माध्यम से थियेटर इन विल्लेज की शुरूआत की है। यह एक अच्छी परंपरा की शुरूआत है, जो आगे भी जारी रहेगी। बृज नट मंडली के अध्यक्ष बृजमोहन ने बताया कि फरीदाबाद के इतिहास में यह पहली बार है कि इतने बड़े स्तर पर नाटक का मंचन गांव में हुआ हो। ग्रामीणों ने इस कार्यक्रम का
खुब आनंद लिया और इसकी सराहना भी की। अभी तक गांवों में केवल रागिनी, स्वांग और नोटंकी आदि ही होती रही हैं, लेकिन अब हमने नाटकों के मंचन की शुरूआत की है। अब हम आगे भी इस तरह के आयोजन जारी रखेंगे।

बृजनट मंडली के वरिष्ठ सलाहकार राजकुमार गोगा ने सभी उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया। इस दौरान डॉ सुनिल शर्मा ने मंच संचलन किया। मौके पर रवि चौहान  नंबरदार, राजपाल राजू, राजेंद्र चौहान, पंडित रामेश्वर भारद्वाज, पंडित एलआर शर्मा, आनंद शर्मा, अनिल बागड़ी, धीरज राणा, विकास गिल, विनोद नरवत आदि मौजूद थे।


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