Friday, September 8, 2017

हरियाणा के बैंक डिफाल्टर किसानों की जमीन होगी नीलाम, लाखों के लोन की करोड़ों में वसूली

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चंडीगढ़ (फूल मलिक) abtaknews.com-पांच-छ लाख के लोन की वसूली के लिए करोड़ों की जमीन की नीलामी होने जा रही है। भाजपा शासन में हरियाणा में कृषि कार्य के लिए लिए गए लोन को समय पर ना चुकाने के एवज में किसानों की बेशकीमती जमीन को कोर्ट के माध्यम से नीलाम कराया जा रहा है। कांग्रेस शासन की हुड्डा सरकार (जिसमें चौधरी बीरेंद्र सिंह वित् मंत्री थे) सर छोटूराम द्वारा किसान भलाई के कानूनों को आगे जारी रखते हुए कानून पास किया कि किसान द्वारा ट्रेक्टर-ट्यूबवेल के लिए लिए गए लोन को नहीं चुकाने की स्थिति में जमींदार की जमीन कुर्क (नीलाम)नहीं किया जायेगा। स्वयं को किसानो की हितैषी सरकार बताने वाली भारतीय जनता पार्टी जिसकी देश एवं हरियाणा प्रदेश में सरकार है आखिर कैसे कोई बैंक ऐसी हरकत कर सकता है कि किसान द्वारा 5 या 6 लाख के लोन की समय पर अदाएगी नहीं करने पर कोर्ट के माध्यम से करोडो की जमीन की निलामी कर दी जाए। क्या वर्तमान हरयाणा सरकार ने उस कानून को रद्द कर दिया? बताता चलूँ कि पंजाब में भी सरदार अमरिंद्र सिंह ने सत्ता में आते ही इस कानून को पास किया हुआ है|

अब जरा कर्जे की सलंगित लिस्ट पर नजर डालियेइसमें कुल राशि है ₹32,58,380 और इसके ऐवज में जितनी जमीन की कुर्की हो रही है उसकी मार्किट वैल्यू पता करवाई तो 2 करोड़ रूपये के करीब बनती है|सर छोटूराम जी ने जो कानून बनाया था उसके तहत लोन की कीमत से दो गुना ज्यादा कर्जा कोई बैंक या साहूकार किसान से नहीं ले सकता| जबकि ग्राउंड से पता करने पर बताया जा रहा है कि चार से पांच गुना ज्यादा वसूला जा रहा है| और ब्याज भी दस गुना ज्यादा|

क्या है पीड़ित किसानों का दोष:इन्होनें लोन लिया टूबवेल लगाने के लिए| मेहनत की, धरती में बोर किये, मशीन-मजदूरों का मेहताना दिया और नतीजा निकला शिफर यानि जीरो| धरती में पानी नहीं निकला| यानि यह किसान वो नहीं जो लोन ले के उस पर ऐश मारते हों| इन्होनें उसको जिस काम के लिए लिया उसमें लगाया, नतीजा नहीं निकला तो कोई क्या करे? वैसे तो यही सबसे बड़ी नाइंसाफी और "एक हांड़ी में दो पेट" वाली बात है कि जब बैंक किसी शहरी को लोन देते हैं तो रहन (लोन के बदले प्रॉपर्टी के कागज़) बारे कुछ नहीं पूछते और लोन दे देते हैं जबकि ग्रामीण को जब देते हैं तो जमीन के कागज़ पहले चाहियें| क्या यह देश के नागरिक के उन मौलिक अधिकारों का सीधा-सीधा उंलघन नहीं जिसके तहत कहा गया है कि देश की हर सेवा-सुविधा पर हर नागरिक का बराबरी से हक़ है?

राष्ट्रभक्त टाइप लोगों को यह बात यूँ समझ नहीं आ रही हो और क्योंकि मोटे तौर पर जब जमींदार की बात आये और उसमें भी हरियाणा के जमींदार की बात आये तो जाट समझ लिया जाता है| तो ऐसे जज्बाती लोगों को बता दूँ कि इस लिस्ट के कुल 8 जमींदारों में से 5 ब्राह्मण हैं, 2 जाट और 1 धानक| जब बात जमींदार की आती है तो एकमत व् निष्पक्ष हूँ| सर छोटूराम की भांति जमींदार की जाति या धर्म नहीं देखता|

अत: अल्पमति वाले वह लोग जो इसमें किसी जाति विशेष का उत्पीड़न देखकर खुश हो रहे हों तो अपने आपको क्लियर कर लें कि बैंक-सरकारें (चाहे वह हिंदूवादी सरकार ही क्यों ना हो) जब उत्पीड़न पर उतरती हैं तो वह जाति देख के रहम नहीं करती| और यह लिस्ट इस बात की साक्षी है|

फूल सिंह मालिक ने अबतक न्यूज़ पोर्टल को भेजी रिपोर्ट में बताया कि मैं ग्राउंड पर लोगों से कांटेक्ट कर रहा हूँ| और ऐसे जमींदारों की सहायता के लिए कुछ आर्थिक सहायता टाइप कोष (कुछ आरक्षण संघर्ष समितियों टाइप वाले कोष नहीं कि चंदे के लेन-देन में ना कोई ट्रांसपेरेंसी ना ही जवाबदेही) सम्पूर्णत: ट्रांसपेरेंट तरीके से स्थापित करने पर विचार किया जायेगा|

फ़िलहाल इन किसानों की जमीन की कुर्की रुकवाने हेतु सोशल मीडिया व् ग्राउंड पर जोर की मुहीम शुरू हो चुकी है| कृषि मंत्री ने भी आश्वासन तो दिया है कि कुर्की नहीं होने दी जाएगी| परन्तु अगर कुर्की होती है तो मैं पहली बार मेरे सर्किल के तमाम मित्रों, चाहे वो विदेश में सेटल हों, कॉर्पोरेट में नौकरी करते हों या सरकारी नौकरी; सबसे पब्लिकली भी और व्यक्तिगत स्तर पर भी इन किसानों की आर्थिक मदद हेतु राशि जोड़ने बारे पहुँचने वाला हूँ|

मेरे एमबीए के मित्र, नौकरी-बिज़नेस के सहकर्मी हर किसी को कांटेक्ट करूँगा| अगर बात यहाँ तक पहुँचती है कि यह कुर्की सरकार द्वारा नहीं रोकी गई| तब इसको हमें रुकवाना होगा, तैयार रहिएगा| क्योंकि यह तो वैसे भी अन्याय है कि जिस देश में विजय माल्या जैसों का तो यह बैंक कुछ उखाड़ नहीं पाते, वहाँ 2-4 लाख के लोन वाले जमींदारों की करोड़ों की जमीन नीलाम करने निकल पड़ते हैं?



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1 comment:

  1. Rohtak central cooperative bank ne bhi aise ke chote kishno ke nilami ka notice nikala hai. iske virodh me jaroor bahiskar kare. nilami ke date 28.52018 at 11.30am par rakhi gai hai.

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