Tuesday, September 19, 2017

आतंक का पर्याय बन चुके रोहिंग्या मुसलमानों पर दया करें या डरें ?

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चंडीगढ़ (abtaknews.com ) 19 सितंबर,2017 ; दुनियाभर में आतंक का पर्यायवाची बन चुके रोहिंग्या मुसलमानों पर आखिर दया की जाए या डरा जाए।  आज यह चर्चा का विषय बना हुआ है।  रोहिंग्या मुसलमान अपनी आबादी को बढ़ाने और धीरे धीरे दुनिया के विभिन्न देशों में शरण लेकर अपना मकसद पूरा करना चाहते हैं। केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर कह चुकी है की राष्ट्र की सुरक्षा की दृष्टि से रोहिंग्या मुसलमानों को भारत में शरण नहीं दी जा सकती है। मामला कोर्ट में है। 

भारत में रोहिंग्या मुसलमानों को शरण देने वालों की वकालत करने वाले सामने आने लगे है।  लेकिन अभी भी कोई भी मुस्लिम देश रोहिंग्या मुसलमानों को अपने देश में बसाने के लिए आगे नहीं आ रहा है। भारत में पहले से ही तक़रीबन 40 000 रोहिंग्या मुसलामान रह रहे हैं भारत सरकार इस रोहिंग्या आबादी को देश के लिए ख़तरा मानते हुए इन्हे देश से बाहर भेजने की तैयारी कर चुकी  है। रोहिंग्या मुसलमानों के हमदर्द सोशल मीडिया के माध्यम से अपना दर्द बयान करने लगे हैं।  ये समर्थक मानवाधिकारों की दुहाई दे कर इनका समर्थन कर रहे हैं।  
दिल्ली में कल पकड़ा गया अलक़ायदा का आतंकवादी शुमोन हक़ ने पूंछतांछ में खुलासा किया है कि वो रोहिंग्या मुसलमानों को ट्रेनिंग देने के मक़सद से आया था।आतंकी शुमोन हक़ ब्रिटिश नागरिक है और मूल रूप से बांग्लादेश का रहने वाला है। हक़ को सीरिया में लड़ चुके शुमोन हक़ को भारत में रोहिंग्या मुसलमानों को आतंक की ट्रेनिंग देने का जिम्मा दिया गया था. इस काम के लिए शुमोन मिज़ोरम और मणिपुर में बेस बनाना चाह रहा था। अपनी साजिश में कामयाब होने से पहले ही दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इससे शकरपुर इलाके से गिरफ्तार कर लिया। ये उन्ही रोहिंग्या को आतंकवादी की ट्रेनिंग देने आया था जिनका आजादी गैंग वाले समर्थन कर रहे हैं। अगर ये अपने मकसद में कामयाब हो जाता तो राजधानी में कई आतंकवादी पैदा हो जाते जो जगह जगह विस्फोट करते, बेगुनाहों की जान लेते। रोहिंग्या पैसों की लालच में देश में बड़ी बड़ी वारदातें करते हैं।रोहिंग्या मुसलमान जिस थाली में खाता है उसी में छेद करता है। 

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