Monday, September 11, 2017

देशव्यापी 'बटेश्वर बचाओ ' के नाम से 21 सितम्बर से शुरू होगा हस्ताक्षर अभियान


फरीदाबाद (abtaknews.com )अखिल भारतीय वीर गुर्जर महासभा (एबीवीजीएम) की बैठक गाँव अनखीर में संपन्न हुई । बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय संरक्षक नरेंद्र गुर्जर ने की । बैठक को सम्बोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुराग गुर्जर ने बताया कि 21  सितम्बर 2017 से मुरैना के बटेश्वर मंदिर श्रंखलाओ के जीर्णोद्वार की मांग को लेकर देशव्यापी 'बटेश्वर बचाओ ' के नाम से  हस्ताक्षर अभियान चलाया जायेगा । इस  हस्ताक्षर अभियान में राष्ट्रपति जी एवं प्रधानमंत्री जी को पत्र लिखके और उसमे अधिक से अधिक लोगो के   हस्ताक्षर करवाके  मुरैना के बटेश्वर मंदिर श्रंखलाओ के जीर्णोद्वार की मांग की जाएगी । ये 200 शिव मंदिरो की श्रंखला है जोकि आठवीं शताब्दी में गुर्जर प्रतिहार सम्राट मिहिर भोज के शासन काल में बनवाये गए थे । पुरातत्व विभाग और सरकार के प्रयासों से 2007 में  80  मंदिरो को ठीक कर दिया गया था । इस कार्य में भारतीय पुरातत्व विभाग के अधिकारी श्री केके मोहम्मद का बहुत बड़ा योगदान है । बटेश्वर के शिव मंदिरों की सुरक्षा के लिए सार्थक कदम केके मोहम्मद ने  उठाया था । उन्होंने भारतीय संस्कृति, परंपरा और मूल्यों की रक्षा के लिए दुनियाभर में ख्यात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से मदद मांगी।श्री श्री मोहम्मद ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्कालीन सरसंघचालक श्री  सुदर्शन को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया। श्री सुदर्शन के हस्तक्षेप ने असर दिखाया और  मध्यप्रदेश की सरकार ने बटेश्वर मंदिर परिसर के जीर्णोद्धार का काम बड़ी तेजी से शुरू कर दिया था मगर अब वो सालो से रुका पड़ा है । केंद्र सरकार से ये मांग की जाएगी कि इन मंदिरो के जीर्णोद्धार के लिए एक कमेटी का गठन करे जिसमे केके मोहम्मद को सलाहकार के रूप में रखे  क्योंकि उन्हें वहां कि एक एक बात का ज्ञान है । राष्ट्रीय महामंत्री गौरव तंवर कारना ने बताया की ये अभियान 16  प्रदेशो के उनसभी जिलों में चलाया जायेगा जहाँ जहाँ पर एबीवीजीएम के कार्यकर्ता है । उन्होंने बताया की इस अभियान में जुड़ने के लिए कुछ अन्य संगठनो से भी उनकी बात चल रही है और वो आशा करते है के इस अभियान में उन्हें सारे देश का समर्थन मिलेगा क्योंकि ये  देश की संस्कृति से जुडी हुई बात है । ये देश की सबसे बड़ी और विश्व में दुसरे नंबर की मंदिरो की श्रंखला है इससे बड़ी मंदिर श्रंखला कम्बोडिआ के अंगकोर वाट है  । आने वाले समय में संगठन के द्वारा बटेश्वर मंदिर श्रंखलाओ को यूनेस्को के द्वारा वर्ल्ड हेरिटेज साइट भी घोषित करवाने के लिए कार्य किया जायेगा । जिससे की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ये एक पर्यटन स्थल स्थापित हो जाए । अभी पिछले दिनों  हॉलैंड की महिला हॉकी टीम भी इन मंदिरो को देखने आयी थी । हमे इस बात का पूर्ण विश्वास है की राष्ट्रपति जी एवं प्रधानमंत्री जी इन मंदिर श्रंखलाओ के जीर्णोद्वार के लिए हर संभव प्रयास करेंगे । शशि चपराना ने बताया कि 'बटेश्वर बचाओ '  हस्ताक्षर अभियान को सफल बनाने के लिए टी शर्ट्स भी तैयार की जा रही है जो जल्दी ही सबको उपलब्ध करा दी जाएँगी । इस अवसर पर बाबा घनश्याम, बाबूराम, शाहमल, सतीश बैसला, राकेश भाटी,अनिल तंवर, महेश फागना, शेखर तंवर , सूबेदार गुर्जर, ,सोनू तंवर  सहित अन्य एबीवीजीएम के कार्यकर्ता उपस्थित थे ।

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