Wednesday, September 13, 2017

अनुबंध कर्मचारियों के वेतन में 14.29 प्रतिशत की बढ़ोतरी नाकाफी ; सुभाष लांबा




फरीदाबाद, 13सितम्बर(abtaknews.com)सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने सरकार द्वारा अनुबंध कर्मचारियों के वेतन में 14.29 प्रतिशत की बढ़ोतरी को नाकाफी बताते हुए समान काम के लिए समान वेतन देने की मांग की हैं । संघ ने इस बढ़ोतरी में एनएचएम सहित परियोजनाओं में कार्यरत कर्मियों व कार्यकर्ताओं एंव पंचायती राज संस्थानों के कर्मचारियों को शामिल न करने पर कड़ी नाराजगी जताई हैं । सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव सुभाष लाम्बा ने माननीय सुप्रीम कोर्ट के समान काम के लिए समान वेतन के निर्णय व विधान सभा चुनाव से पूर्व जारी घोषणा पत्र में 15 हजार रूपये न्यूनतम वेतन देने के वादे पर अमल न करने पर भी कड़ी नाराजगी जताई हैं ।

उल्लेखनीय हैं कि सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा व मुख्यमंत्री के बीच ११ अगस्त को हुई बातचीत में संघ द्वारा समान काम के लिए समान वेतन देने की मांग पर सरकार ने सातवें केन्द्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों अनुसार नियमित कर्मचारियों की तर्ज पर अनुबंध कर्मचारियों के वेतन में भी १४.२९ प्रतिशत बढोतरी का आश्वासन संघ के शिष्टमंडल को दिया था । जिसके तहत सरकार ने कल अकुल कर्मचारियों को ८१०० रूपये के स्थान पर ९२५८ रूपये, अर्धकुशल को ९०००रूपये के स्थान पर १०,२३८ रूपये, कुशल कर्मचारियों को १०,००० रूपये के स्थान पर ११४२९ रूपये और उच्च कुशल कर्मचारियों को ११००० रूपये के स्थान पर १२५७२ रूपये देने का निर्णय लिया है ।

सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव सुभाष लाम्बा ने सरकार द्वारा जारी पत्र का अध्ययन करने के बाद बताया की भाजपा ने चुनावी घोषणा पत्र में अकुल कर्मकारो का न्यूनतम वेतन १५ हजार करने का वादा प्रदेश के कर्मचारियों व मजदूरों से किया था । लेकिन लगभग तीन वर्ष बीत जाने के बाद १५ हजार की बजाय ९२५८ किया हैं । सरकार को कर्मचारियों को बताना चाहिए कि १५ हजार न्यूनतम वेतन देने का वादा कब पुरा किया जायेगा । उन्होने बताया की हरियाणा सरकार न तो घोषणा पत्र में किये वादे पर अमल कर रही हैं और ना ही में माननीय सुप्रीम कोर्ट के समान काम के लिए समान वेतन देने के निर्णय को लागू कर रही है । उन्होने बताया की ११ अगस्त को सरकार ने कहा था की एलआर से सलाह ले ली गई है और एजी हरियाणा से सलाह लेकर समान काम के लिए समान वेतन देने के निर्णय पर निर्णय लिया जाएगा । उन्होने बताया की अकुल कर्मचारी को ८१०० वेतन देने का निर्णय पूर्व सरकार ने जनवरी, २०१४ मे लागू किया था और हर वर्ष  ५ प्रतिशत की बढ़ोतरी होनी थी। लेकिन मनोहर लाल सरकार ने कोई बढ़ोतरी नही की । अगर उस बढ़ोतरी को दिया जाये तो अब लगभग २५ प्रतिशत बढ़ोतरी बनती है । उन्होने बताया कि पत्र में कई बाते अभी स्पष्ट नही है । उन्होने बताया की सरकार ने अभी तक मृतक कर्मचारियों के आश्रित, जो अंतिम वेतन प्राप्त नीति के तहत वेतनमान प्राप्त कर रहे है, को भी सातवें केन्द्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों का लाभ नही दिया है । उन्होने बताया की संघ सभी प्रकार के कच्चे कर्मियों को पक्का करने व समान काम के लिए समान वेतन देने की मांग को प्रमुखता से उठता रहेगा ।

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