Wednesday, August 16, 2017

एससी /एसटी विद्यार्थियों को कौशल विकास के लिए दिया जायेगा विशेष प्रशिक्षण

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फरीदाबाद, 16 अगस्त(abtaknews.com)अनुसूचित जाति एवं जनजाति से संबंधित विद्यार्थियों के कौशल विकास तथा उन्हें रोजगार के अवसर के लिए सक्षम बनाने के उद्देश्य से वाईएमसीए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, फरीदाबाद जल्द ही एक कौशल और व्यक्तित्व विकास कार्यक्रम केन्द्र स्थापित करेगा। इस केन्द्र की स्थापना के लिए अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद् (एआईसीटीई) द्वारा 22 लाख रुपये का अनुदान स्वीकृत किया गया है।
विश्वविद्यालय द्वारा अनुसूचित जाति एवं जनजाति से संबंधित विद्यार्थियों के उत्थान के लिए की जा रही पहल पर प्रसन्नता जताते हुए कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय सभी विद्यार्थियों, विशेष रूप से समाज के कमजोर वर्ग से संबंध रखने वाले विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। इस केन्द्र को स्थापित करने का उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गाें से आने वाले विद्यार्थियों को कौशल एवं व्यक्तित्व विकास प्रशिक्षण प्रदान कर उनका आत्म विश्वास को बढ़ाना है ताकि वे रोजगार के लिए खुद को सक्षम बना सके। 
कार्यक्रम के मुख्य संयोजक तथा मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. वासुदेव मल्होत्रा ने बताया कि तकनीकी शिक्षा ले रहा अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग से संबंधित कोई भी विद्यार्थी कार्यक्रम से जुड़ सकता है। विद्यार्थियों के लिए प्रशिक्षण बिल्कुल निःशुल्क रहेगा। शुरूआती चरण में कार्यक्रम को 30 सीटों के साथ शुरू करने की योजना है, जिन्हें एआईसीटीई द्वारा अनुदान के साथ-साथ बढ़ाया जा सकता है। कार्यक्रम में दाखिले के लिए मानदंड जल्द निर्धारित किये जायेंगे।
कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को खुद का बायोडाटा तैयार करना, कम्युनिकेशन स्किल्स तथा इंटरव्यू स्किल्स के लिए प्रशिक्षित किया जायेगा। केन्द्र द्वारा विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास को ध्यान में रखते हुए अंग्रेजी लिखने व बोलने में दक्षता और संचार कौशल के लिए ऑरिएंटेशन कार्यक्रम तथा प्रमुख वक्ताओं के व्याख्यान आयोजित किये जायेंगे।
केन्द्र समय-समय पर विभिन्न मंचों, कार्यशाला तथा प्रतियोगिताएं आयोजित कर विद्यार्थियों की क्षमता का आकलन करेगा। इसके साथ-साथ विद्यार्थियों के लिए फीडबैक प्रणाली भी विकसित की जायेगी ताकि इसके अनुसार पाठ्यक्रम में संशोधन किया जा सके।
डॉ मल्होत्रा ने बताया कि विश्वविद्यालय को हरियाणा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा सेमिनार तथा फैकल्टी डेवलेपमेंट कार्यक्रम आयोजित करने के लिए भी 2.70 लाख रुपये का अनुदान स्वीकृत हुआ है।

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