Wednesday, August 23, 2017

वार्ड 22 के सेक्टर 37 में पानी के लिए हाहाकार, चार दिन पहले रेनीवेल का हुआ था उद्घाटन

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फरीदाबाद 23अगस्त(abtaknews.com)सेक्टर 37 में भादों के महीनें में भी  पेयजल की भारी किल्लत बनी  हुई है. सेक्टर में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है.लोग टैंकर से पानी मँगाकर अपना काम चला रहे हैंऔर लोग पानी के टैंकर के इंतजार में अपनी दुकानों एवं आफिसों के लिए देर हो रहे हैं.सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों,अपाहिजों  एवं बीमारों को हो रही है.पानी की आपूर्ति करने वाले ठेकेदार से बात ही करना एक जंग जीतने जैसा है,क्योंकि वह टेलीफोन ही नहीं उठाया है.नगरनिगम के अधिकारियों का रवैया काफी टाल मटोल वाला है.वे समस्या सुनने के बजाय ठेकेदार से बात करने को कहते हैं. आरडब्ल्यूए सेक्टर 37की पूर्व प्रधान श्रीमती आशाशर्मा नें फरीदाबाद नगरनिगम केआला अधिकारियों की निंदा करते हुए बताया कि नगरनिगम अधिकारी अपनी अदूरदर्शी नीतियों के चलते फरीदाबाद के लोगों के जीवन को नर्क सेभी बदतर बना किया है.उन्होंने बताया कि जब तक पानी की आपूर्ति बिभगीय कर्मचारियों के हाथों में थी,तबतक यह समस्या नहीं थी,लेकिन नगरनिगम के अधिकारियों ने शहर की  जनता को पानी सप्लाई को और बेहतर करने का सब्जबाग दिखाकर और प्रदेश सरकार को गुमराह करनेवाला एवं गलत तथ्यों को  देकर शहर की पेयजल आपूर्ति निजी हाथों में सौंपकर जनता के जीवन को दुखमय बना दिया.जब सेक्टर की आरडब्ल्यूए ने इस समस्या को निगम अधिकारियों के समक्ष जोर शोर से उठाया तो उन्होंने  लोगों को रैनीवाल परियोजना का सब्जबाग दिखाया.श्रीमती आशा शर्मा नें बताया कि अब शहर में रैनीवाल का अंतिम चरण भी पूरा हो चुका है,लेकिन रैनीवाल के पाइपों में पानी ही नहीं है,बूस्टर का पानी सूख गया है पेय जल आपूर्ति को निजी हाथों में सौंपने,रैनीवाल योजना जैसी परियोजना को आधे अधूरे तरीके से लागू कए जाने का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि रैनीवाल योजना  अंतिम चरण के चालू होनें के बाद शहर में पानी की समस्या और बदतर हो गई है. जबकि यह धावा किया गया था कि इस परियोजना के लागू होने के बाद शहर से पेयजल की किल्लत हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी.फरीदाबाद नगर निगम के इस दावे की हवा निकल गई है.हकीकत यह है कि नगर निगम ने करोड़ों रुपये की लागत से शहर की प्यास बुझाने के लिए रैनीवाल योजना योजना लागू किया और यह दावा किया गया कि अब इस शहर से पानी की किल्लत हमेशा के लिए खत्म हो गई है लेकिन सेक्टर 37का आलम यह है कि यहाँ नलों से पानी नदारत है.लोग अपनी गाढ़ी कमा ई पानी के टैंकर मँगानें पर खर्च कर रहे हैं.नगरनिगम की लापरवाही से यहाँ के लोग दोहरी नहीं,बल्कि तिहरी मार झेल रहे हैं.यहाँ के लोग नगरनिगम को समय से टैक्स चुकाते हैं,लेकिन निगम तीन मंजिले मकानों के नक्शे पास करने के बावजूद भूतल पर भी पानी की आपूर्ति करनें में विफल है,नतीजतन लोगों को पानी की आपूर्ति के लिए घरों में पानी के मोटर लगवाने पड़े हैं,मजबूरी में जिसका भारी भरकम बिजली के  बिल सेक्टरवासी चुका रहे हैं.इसके बावजूद उन्हें टैंकरों के पानी के पैसे चुकाने पड़ हे हैं.इस प्रकार सेक्टरवासी स्मार्टसिटी टैक्स,हाउसटैक्स,पानीटैक्स,बिजली के अनावश्यक बिलों का भुगतान एवं टैकर के पानी का भुगतान जैसे अनेकों जबरन लादे गए खर्चों का भुगतान करने को बाध्य हैं.आज  सेक्टरवासी निगम ठेकेदार श्री कुलदीप निगम जेई श्री सुरेंदर हुडडा एसडीओ श्री जीतराम से मिले लेकिन  जलपूर्ति चालून नहीं हो पाई जिससे लोगों मेें बड़ा रोष है। 


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