Friday, August 11, 2017

बी के सरकारी अस्पताल में महिला की डिलीवरी के नाम पर ऐंठे 17 हजार



फरीदाबाद(abtaknews.com) 11 अगस्त,2017: सरकारी अस्पताल में नहीं रूक रहा भ्रष्टाचार, बच्चे की डिलीवरी के नाम पर सरकारी अस्पताल में हो रहा है वसूली का धंधा। डिलीवरी करवाने के बाद हुई बच्चे की मौत के बाद परिजनों का खुलासा। जिला सरकारी अस्पताल में 120 सीसीटीवी कैमरों के बावजूद सामने आया डिलीवरी के नाम 17 हजार रूपये लेने का मामला। सीएमओं ने गठित की जांच कमेटी जांच में दोषी पाए जाने पर होगी पुलिस कार्यवाही। शहर के सबसे बडे बीके सिविल अस्पताल में डाक्टरों ओर स्टाफ की लापरवाही व भ्रष्टाचारी को लेकर 120 सीसीटीवी कैमरे लगाने के बावजूद भी भ्रष्टाचार का एक नया मामला सामने आया है। असल में सेक्टर 23 की संजय कालोनी में रहने वाली एक महिला अपनी बहु की डिलीवरी करवाने के लिए सात अगस्त की रात में अस्पताल में पहुंची थी। पीडित महिला की मानें तो जब उसने अपनी बहु की डिलीवरी करने की बात कही तो वहां पर मौजूद सुष्मा व बलजीत नाम दो नर्सो ने उससे 17 हजार रूपये ले लिए और उसके बाद डिलीवरी करने की बात कही। महिला ने बताया कि उसने पैसे देने के बाद उसकी बहु की डिलीवरी करवा दी लेकिन बच्चे की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। जिसकी शिकायत उसने अस्पताल प्रबंधन को लिखित रूप में की है। 

मृतक बच्चे की पिता की मानें तो उनके पास उसकी चाची का फोन आया और उसने घर से उससे रूपये लाने की बात कही। घर में करीब 17 हजार रूपये रखे थे जिनको वह अस्पताल में अपनी चाची को दे दिए। जिसको उसकी चाची ने नर्स को देकर बच्चे की डिलीवरी करावा दी लेकिन इस लाचार पिता की मानें तो वह अपनी औलाद के लिए अपनी सारी संपित भी बेच सकता था लेकिन इतने पैसे देने के बाद भी उसका बच्चा नहीं बचा। 

जांच टीम की मुख्य डाक्टर गीता ने अबतक न्यूज़ टीम को बताया कि दो नर्सो ने एक डीलीवरी करवाने आई महिला से 17 हजार रूपये लिए होने की शिकायत पर वे अपनी टीम के साथ जांच कर रही है और जल्द ही वे जांच पूरी कर सीएमओ को सौंप देगें। सीएमओ गुलशन राय से बात की गई तो उनका कहना था कि उनके संज्ञान में ये बात आई है और उन्होंने तुरंत एक जांच टीम का गठन कर जल्द रिर्पोट देने के आदेश दिए हैं। यदि जांच में नर्स को दोषी पाया गया तो उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बताया कि मरीजों को किसी भी तरह की कोई परेशानी ना हो इसके लिए उन्होंने अस्पताल परिसर में 120 सीसीटीवी कैमरे लगवाए हैं। इस मामले में सीसीटीवी कैमरों की मदद भी ली जाएगी। सरकार सभी सिविल अस्पतालों में फ्री ईलाज और फ्री दवाईयों की बात कहती है वहीं दूसरी ओर भ्रष्टचार के इस नए मामले के सामने आने से अस्पताल में मौजूद स्टाफ ने सरकार की स्वास्थ्य नीति पर सवाल खडे कर दिए है। 

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