Sunday, August 13, 2017

कवियों की राष्ट्रप्रेम वाली कवितायें देती है राष्ट्र निर्माण में योगदान : सीएम


फरीदाबाद, 13 अगस्त,2017(abtaknews.com) कवियों की वीर रस और राष्ट्र प्रेम से जुड़ी काव्य रचनाएं हम सभी को राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित करती हैं। यह विचार हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गत सायं यहां स्थानीय नगर निगम सभागार में सर्व इंडिया फाउंडेशन द्वारा आयोजित वीर-रस कवि सम्मेलन के शुभारम्भ अवसर पर उपस्थित लोगों को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित करते हुए प्रकट किए। उन्होंने दीपशिखा प्रज्जवलित करके कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि देश आजादी के परवाने शहीदों व स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानी की बदौलत ही आज हम आजाद भारत की खुली हवा में सांस ले रहे हैं। अगें्रज  ईस्ट इंडिया कम्पनी के नाम से व्यापार करने आए थे और हमारे देश के राज के मालिक बन बैठे। हमने पाकिसतान के बंटवारे के रूप में भारी कीमत देकर आजादी पाई।  उन्होंने कहा कि आज सडक़ निर्माण से भी समाज का निर्माण महत्वपूर्ण है। आजादी से पहले हमारा नारा था-देश के लिए मरना सीखें जबकि आज देश के लिए जीना सीखें होना चाहिए। हमें आज बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत, पर्यावरण, सुरक्षा व गौरक्षा की मुहिम के साथ मन से जुडऩा चाहिए। इस मौके पर केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि 15 अगस्त, 1947 से मिली आजादी हमारे लिए जिम्मेदारी व चुनौती रही है। आज इस चुनौती को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पूरी ईमानदारी व तन्मयता से स्वीकार किया है।  हरियाणा के उद्योग मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि सर्व इंडिया फाउंडेशन द्वारा एक शाम-शहीदों के नाम से वीर रस कवि सम्मेलन का आयोजन करने के साथ-साथ लोगों को निशुल्क पौधे वितरित करना भी एक सराहनीय कार्य है। आयोजन संस्था के अध्यक्ष विदुर सोगी ने मुख्यमंत्री के स्वागत स्वरूप तथा चेयरमैन श्रीकृष्ण सिंघल ने आभार स्वरूप विचार रखे। कवि सम्मेलन में मेरठ से पधारे देश के जाने-माने कवि डा. हरिओम पंवार ने अपनी कविता-मैं भारत का संविधान हूूंॅ, लाल किले से बोल रहा हॅूं, मेरा अन्तरमन घायल है, दिल की गांठे खोल रहा हॅूं, प्रस्तुत करके देश की लचीली कानून व्यवस्था पर प्रहार किया। उज्जैन से आये अशोक भाटी ने अपनी रचना पेश करते हुए कहा-आतंकवादियों की गोली खाकर हम होते देश पर कुर्बान हैं, दिल में बच्चों का ख्याल और दिल में ही हिन्दुस्तान है। जबलपुर से पधारे सुदीप भोला ने भारत की माटी की महिमा का वर्णन करते हुए अपनी रचना पढ़ी-जो वतन के वास्ते खून से सनी रही, जोड़ती रही कफन उढ़ाके अपनी धज्जियां, धन्य हैं ये वादियां-ये वादियां। लखनऊ से आई कवियित्री कविता तिवारी ने मां की वंदना के उपरान्त भारत माता का गुणगान किया-चाहे हों कलुपित भाव किन्तु, दिखला दो अपना सदय हृदय, सबसे करबद्ध निवेदन है, बोलो भारत माता की जय। दिल्ली से आए गजेन्द्र सोलंकी ने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के सम्मान की कल्पना करते हुए कहा-इस लोकतंत्र के शिखर का जो सिंगार है, जिन तीन रंगों से ही वतन में बहार है, हिन्दु हो, मुसलमान हो, सिख हो कि इसाई, हर हिन्द के वासी को तिरंगे से प्यार है। कवि सम्मेलन का संचालन करते हुए फरीदाबाद वासी एवं जाने-माने गीतकार व कवि दिनेश रघुवंशी ने सेना के जवानों की वेदना को अपने काव्य शब्दों में यूं पेश किया- हमेशा तन गये आगे जो तोपो के दहानों के, कोई कीमत नहीं होती क्या प्राणों की जवानों के।  इस अवसर पर महाभारत सीरियल में धर्मराज युद्धिष्ठिर की भूमिका में रहे गजेन्द्र चैहान, भारत विकास परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुरेश जैन, विधायक सीमा त्रिखा, मूलचंद शर्मा, टेक चन्द शर्मा, व नगेन्द्र भड़ाना, हरियाणा सरकार में चेयरमैन अजय गौड़ व सुरेन्द्र तेवतिया, भाजपा के जिलाध्यक्ष गोपाल शर्मा, भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री संदीप जोशी, महापौर सुमन बाला व वरिष्ठ उपमहापौर देवेन्द्र चैधरी, एफआईए के प्रधान संजीव खेमका, पूर्व प्रधान नवदीप चावला, सजन जैन व डा. एसके गोयल, सदस्य बीआर भाटिया व आरपी हंस, फरीदाबाद चैम्बर ऑफ कामर्स एण्ड इंडस्ट्रीज के प्रधान एचके बतरा व महासचिव आशीष जैन, उपायुक्त समीरपाल सरो, पुलिस आयुक्त डा. हनीफ कुरैशी, नगर निगमायुक्त सोनल गोयल, कारगिल युद्ध के परमवीर चक्र विजेता सूबेदार योगेन्द्र यादव, कार्यक्रम सहभागी एवं पायनियर ग्रुप के प्रबन्ध निदेशक प्रदीप मोहंती, जिला परिषद के चेयरमैन विनोद चैधरी, भाजपा नेता एडवोकेट अश्विनी गौड़ व शिवदत्त वशिष्ठ, आयोजन संस्था के महासचिव, दीप भाटिया, कोषाध्यक्ष चुन्नी लाल गर्ग, प्रमुख सदस्य, सुरेन्द्र बंसल, दीपक अग्रवाल, राकेश गुप्ता, दीपक ठुकराल, कालीदास गर्ग व कौशल गोयल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। 


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