Thursday, August 3, 2017

सड़क सुरक्षा, नागरिक सुरक्षा व आपदा प्रबन्धन सभी जाने और दूसरों को बताएं ; एमपी सिंह



फरीदाबाद (abtaknews.com ) 03 अगस्त,2017 ; उपायुक्त समीर पाल सरो, आईएएस के आदेशानुसार व सचिव रैडक्राॅस बीबी कथुरिया के दिशा निर्देशानुसार भारत सरकार के अधिकृत लैक्चरर डा0 एमपी सिंह ने दिल्ली स्थित ओखला फेस-1 में अश्वगन्धा फैक्टरी के अधिकारियों व कर्मचारियों को सड़क सुरक्षा, नागरिक सुरक्षा, प्राथमिक सहायता व आपदा प्रबन्धन पर दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया।
प्राथमिक सहायता, सड़क सुरक्षा, नागरिक सुरक्षा व आपदा प्रबन्धन नामक पुस्तक के लेखक डा0 एमपी सिंह ने सड़क हादसे से बचाव के लिए विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की और बताया कि बेहोशी की अवस्था में हमें रोगी को कोई भी खाद पदार्थ व पेय पदार्थ नहीं देना चाहिए बल्कि उसकी गर्दन को एक तरफ करके पैरों को ह्रदय से थोड़ा ऊपर आकाश की तरफ कर देना चाहिए। टाईट कपड़ों को थोडा लूज कर देें। टाई व बैल्ट को निकाल दें, जूतों को उतार दें, भीड़ भाड़ को आसपास इकटठा न होने देें और चेहरे पर पानी के छीटें मारकर साफ सुथरे कपड़े से टाइट हाथ से पोंछ दें और रोगी की हवा करें। दो से पांच मिनट में निश्चित तौर पर रोगी होश में आ जायेगा। लेकिन डाक्टर बनने की कोशिश ना करें। जितना जानते हैं बिना समय गवाए उससे कम करें और पुलिस व प्रशासन को सूचना प्रदान करें। नजदीकी अस्पताल को पहुंचा दें। डा0 एमपी सिंह ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश हैं कि सड़क हादसे में जान को बचाने वाले प्राथमिक सहायकों से पुलिस अनावश्यक पूछताछ नहीं करेेगी और ना ही किसी प्रकार की परेशानी का सामना करना पड़े। इसलिए बिना झिझक के इस पुनीत कार्य में अपना अहम योगदान प्रदान करें।
डा0 एमपी सिंह ने बिजली का झटका, सांप का काटना, शरीर से बाहर खून निकला, ह्रदय आघात का हो जाना, हडडी का टूट जाना, आग का लग जाना, भूकम्प आने से पहले, भूकम्प के दौरान व भूकम्प के बाद कार्य करने हेतु बचाव पक्ष में सभी प्रतिभागियों को विस्तृत जानकारी दी और प्रैक्टिकल में उनका साथ व सहयोग दिया।
कम्पनी के डीजीएम वेदप्रकाश उपाध्याय ने डा0 एमपी सिंह का गुलदस्ता देकर स्वागत किया और कम्पनी के एचआर विभाग के विभागाध्यक्ष बीडी पुरोहित ने आए हुए अतिथियों का स्वागत करते हुए धन्यवाद किया।


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