Sunday, August 20, 2017

फरीदाबाद में हवा से चली कार, फौजी मयंक और उसके दोस्तों की खोज


फरीदाबाद(abtaknews.com)नेवी के लेफ्टिनेंट मयंक भारद्धाज व उनके तीन दोस्तों ने मिलकर कर डाला एक नया कारनामा, अब पैट्रोल डीजल और सीएनजी से नहीं हवा से दौडेगी गाडी। जी हां पलवल में इंजीनियरिंग की पढाई कर चुके चार इंजीनियर दोस्तों ने मारूती 800  के इंजन को बदलकर उसमें हवा से चलने वाला इंजन फिट कर दिया है, जिसके स्टार्ड होने के लिये पैट्रोल डीजल व सीनएनजी की जरूरत नहीं होगी, गाडी हवा से स्टार्ड होगी और चलने लगेगी। जिसका डैमों फरीदाबाद में प्रैसवर्ता कर दिया। इससे पहले 2011 में चारों दोस्त हवा से चलने वाली बाईक भी बना चुके हैं। जिसके बाद इंजीनियर दोस्तों को अमेरिका से बुलावा भी आया मगर मोदी के मेड इन इंडिया को सुनकर इन्होंने अमेरिका का आफर ठुकरा दिया और भारत में एक खुद की कंपनी बना ली है जिसमें गाडी के अंदर सुविधाओं को अच्छी तरह से तैयार करके बिना पॉलूशन और ईधन वाली गाडियां बनायेंगे।  
फरीदाबाद के चार युवाओं ने हवा से चलने वाली गाड़ी बनाकर एक नया कारनामा ईजाद करके जिले का नाम राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चमकाने का कार्य किया है। इन चारों इंजीनियरों का दावा है कि उक्त गाड़ी उच्च दबाव वाली हवा से चलती है और इसमें पेट्रोल-डीजल की कहीं कोई जरुरत नहीं होगी। अगर इन युवाओं की सोच सार्थक रही तो देश में बढ़ रहे प्रदूषण की रोकथाम के लिए उठाया गया एक बेहतरीन कदम साबित होगा। यहां एन.एच.-3 स्थित गोल्फ क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान इंजीनियर मयंक भारद्वाज, मनोज वी.एम., प्रथम पाल और सुनील कुमार ने गाड़ी का डैमो प्रदर्शन करते हुए कुछ दूरी तक ड्राईव भी की और बताया कि हवा से चलने वाली इस गाड़ी को बनाने में उन्हें करीबन 8 माह का समय लगा। उन्होंने बताया कि इस गाड़ी में दो सिलैंडरों (आक्सीजन सिलैंडर) में हवा को भरकर रखा जाता है। सिलैंडरों पर रेगुलेटर वाल्व हवा के दबाव के प्रवाह को नियंत्रित करते है। गाड़ी के इंजन में तकनीकी बदलाव करके इस गाड़ी को चलाने में सक्षम बनाया गया है। 9.5 क्यूबिक मीटर के सिलैंडरों के इस्तेमाल से यह गाड़ी करीबन एक किलोमीटर तक चलेगी और इसे निरंतर चलाने में अभी और सुधार की जरुरत है। इंजीनियर मयंक भारद्वाज, मनोज वी.एम., प्रथम पाल और सुनील कुमार ने बताया कि हाईब्रिड तकनीक में इस अविष्कार को जोडक़र गाड़ी की इफिक्वेंसी को बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि साधारण कम्प्रेशर एयर से चलने के कारण यह वातावरण को प्रदूषित नहीं करती। उन्होंने बताया कि यदि इस टैक्रोलॉजी को हाईब्रिड तकनीक के साथ इस्तेमाल किया जाता है तो गाड़ी को स्टार्ट करने के लिए बैटरी व मोटर की जरुरत नहीं होगी क्योंकि कंपेस्ड हवा ही इंजन को स्टार्ट कर देगी और इस तकनीक को आजकल गाडिय़ों में लगने वाले इंजन में आसानी से लगाया जा सकता है। गौरतलब है कि इन्हीं छात्रों द्वारा छह वर्ष पूर्व हवा से चलने वाली मोटरसाइकिल तैयार की गई थी, जिसको लेकर इन्होंने काफी वाहवाही लूटी थी। अब 6 साल बाद इन्होंने हवा से चलने वाली गाड़ी तैयार करके एक बड़ा कार्य किया है, जिसको लेकर इनकी चौतरफा प्रशंसा हो रही है। इन छात्रों के साथ इनके पूर्व एचओडी एम.एम. मारवाह भी मौजूद थे, जिनकी देखरेख में इन्होंने यह तकनीक ईजाद की। पीएनएमएक्स टैक वकर्स से जुड़े इन छात्रों का कहना है कि भविष्य में इस हाईब्रिड तकनीक के और सरलीकरण करने में लगेंगे ताकि यह तकनीक सरकार के साथ-साथ तकनीकी संस्थानों में भी अपनाई जाए ताकि हमारा देश पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त हो सके। इस मौके पर राजस्थान के पूर्व कृषिमंत्री मदनमोहन सिंघल, विधायक मूलचंद शर्मा के बड़े भाई पंडित टिपरचंद शर्मा, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता शौकत आजाद, आदेश भारद्वाज सहित कई मशहूर हस्तियां भी आज छात्रों को आर्शीवाद देने पहुंची।


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