Wednesday, August 2, 2017

भूखमरी और बेरोजगारी से तंग आकर अर्धनग्न हो कर किया प्रदर्शन


फरीदाबाद, 2 अगस्त(abtaknews.com ) लगभग एक पूर्व हुडा द्वारा नगर निगम को सैक्टरों व मार्किट स्थान्तरित करने के बाद बेरोजगार हुए 160 सफाई कर्मचारियों ने भूखमरी और बेरोजगारी से तंग आकर आज अर्धनग्न होकर नगर निगम मुख्यालय से नीलम चौक तक प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व नगर पालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा के राज्य प्रधान व सर्व कर्मचारी संघ, हरियाणा के वरिष्ठ उपप्रधान नरेश कुमार शास्त्री, मैकेनिकल वर्कर्स यूनियन के राज्य प्रधान व सर्व कर्मचारी संघ, हरियाणा के मुख्य संगठनकर्ता विरेन्द्र डंगवाल, नगर पालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा के राज्य सचिव सनील कुमार चिन्डालिया, उपाध्यक्ष बृजवती, सुमित चिन्डालिया, अशोक कुमार, मंगला ने किया। अब ये कर्मचारी 9 अगस्त को हाथों में कटोरा लेकर भीख मांगकर शहरभर में प्रदर्श करेगें।
पिछले 93 दिनों से नौकरी बहाली की मांग को लेकर निगम मुख्यालय पर बैठे हुडा सफाई कर्मचारियों ने सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की व विरोध सभा का आयोजन किया। हुडा सफाई कर्मचारियों के आन्दोलन को उस वक्त और भी बल मिला जब सीटू के राज्य  महासचिव जयभगवान व म्यूनिशिपल ईम्पलाईज फेडरेशन के अध्यक्ष रमेश जागलान ने भी हुडा के सफाई कर्मचारियों के आन्दोलन का जोरदार समर्थन किया। विरोध सभा को सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान बलवीर सिंह बालगुहेर, जिला वरिष्ठ उपप्रधान गुरचरण खाण्डिया व सीवरमैन यूनियन के प्रधान सुभाष फेेंटमार ने निगम प्रशासन पर गरीब सफाई कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी का आरोप लगाया।
कर्मचारियों को सम्बोधित करते हुए नगरपालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा के राज्य प्रधान व सर्व कर्मचारी संघ, हरियाणा के वरिष्ठ उपप्रधान नरेश कुमार शास्त्री व मुख्य संगठनकर्ता विरेन्द्र डंगवाल ने निगम प्रशासन को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि नपा कर्मचारी संघ की 11 जुलाई को सरकार से हुई वार्ता में हुडा के 160 सफाई कर्मचारियों को निगम में समायोजित करने की सहमति बनी थी। सहमति बनने के बाद प्रधान सचिव हरियाणा आर.के. खुल्लर ने दूरभाष पर निगम आुयक्त फरीदाबाद को आदेश दिए थे कि इन कर्मचारियों को तुरन्त प्रभाव से ड्यूटी पर लिया जाए। लेकिन निगम अधिकारी इन कर्मचारियों को ड्यूटी पर लेने की बजाय फाईल को इधर-उधर घूमा रहे है। जिससे इन कर्मचारियों के बच्चों उके नाम स्कूल से काट दिए है। बिजली का बिल न भरने से बिजली के मीटर लिए गए है और जो कर्मचारी किराये के मकान में रहते है मकान मालिक वो भी खाली करवा दिए है।

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