Wednesday, August 23, 2017

कर्मचारी करेंगे वायदा खिलाफ के चलते राज्य स्तरीय चरणबद्ध आंदोलन


फरीदाबाद, 23 अगस्त(abtaknews.com)नगरपालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा ने सरकार की वायदा खिलाफी के खिलाफ राज्य स्तरीय चरणबद्ध आन्दोलन का ऐलान कर दिया है। यह जानकारी आज प्रैस को नगरपालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने दी। श्री शास्त्री ने हरियाणा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार संघ के साथ 11 जुलाई को हुए समझौते को लागू नहीं कर रही है। वहीं विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए वायदों से पीछे हट रही है। संघ ने सरकार के खिलाफ आन्दोलन करने की घोषणा की है। आन्दोलन के प्रथम चरण में 29-30 अगस्त 2017 को प्रदेश के सभी 86 शहरों की पालिका, परिषदों व निगमों के कर्मचारी उल्टी झाडू कर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करेगें। यदि सरकार ने इसके बाद भी मानी गई मांगों के पत्र जारी नहीं किए तो संघ, जिला उपायुक्त कार्यालयों पर 5 सितम्बर को गुरूग्राम व झज्जर, 6 सितम्बर को महेन्द्रगढ़, 11 सितम्बर को रेवाड़ी व रोहतक, 12 सितम्बर को मेवात, 14 सितम्बर को पलवल व करनाल, 18 सितम्बर को फरीदाबाद, सोनीपत, पानीपत, दादरी, 19 सितम्बर हिसार, भिवानी, अम्बाला, पंचकुला, 20 सितम्बर को फतेहाबाद, सिरसा, यमुनानगर व कुरूक्षेत्र तथा 22 सितम्बर को जींद व कैथल धरने दिये जाएगें। इसके पश्चात पालिका, परिषदों व निगमों में आऊसोर्सिंग ठेकाप्रथा में कार्यरत कर्मचारियों के वेतन से काटी गई ईपीएफ की राशि कर्मचारियों के खातों में जमा न करने तथा ईएसआईसी का मैम्बर न बनाने के खिलाफ 26 सितम्बर, गुरूग्राम, फरीदाबाद, करनाल व रोहतक आयुक्तों के कार्यालयों पर धरने दिये जाएगें। इसके बाद 29 सितम्बर को उप निदेशक क्षेत्रीय राज्य कर्मचारी बीमा, निगम के कार्यालय पंचदीप भवन सैक्टर-16 फरीदाबाद में एक दिवसीय राज्य स्तरीय धरना दिया जायेगा।

नगर पालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री, वरिष्ठ उपप्रधान अशोक बहोत, कोषाध्यक्ष महेन्द्र संगेलिया, उपाध्यक्षा बृजवती व राज्य सचिव सुनील कुमार चिन्डालिय ने कहा कि संघ द्वारा विगत 12, 13 व 14 जुलाई की तीन दिवसीय हड़ताल के दवाब में सरकार ने 11 जुलाई को संघ, नेताओं से बातचीत की थी। बातचीत के दौरान मानी गई मांगों को 15 दिन में लागू करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन लम्बे अर्से के बाद भी सरकार ने मानी गई मांगों के संदर्भ में पत्र जारी नहीं किए है, जिससे प्रदेश के 86 शहरों की पालिका, परिषदों व निगमों के कर्मचारियों में सरकार के प्रति भारी गुस्सा है, यदि सरकार ने तुरन्त प्रभाव से 11 जुलाई के समझौते को लागू नहीं किया तो प्रदेश की पालिका, परिषदों व निगमों के हजारों कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल करने को मजबूर हो जायेगें।

इन मांगों पर हुआ था समझौता ; सातवें वेतन आयोग का लाभ सेवानिवृत व रिटायर्ड कर्मचारियों को तुरन्त प्रभाव से दिया जायेगा व सातवें वेतन आयोग का लाभ देने के लिए 100 करोड़ रूपए की अनुदान राशि दी जायेगी। नियमित भर्ती की जायेगी, 2014 में कार्यरत ठेकाप्रथा के कर्मचारियों को विभाग के रोल पर किया जायेगा। जोखिम पूर्ण काम करने वाले कर्मचारियों को जोखिम भत्ता दिया जायेगा व 10 लाख रूपया का दुर्घटना बीमा किया जाएगा। कर्मचारियों के वेतन से काटी गई ईपीएफ की राशि उनके खातों में जमा की जायेगी व ईएसआईसी का मैम्बर बनाया जायेगा। अग्निशमन विभाग में ठेकाप्रथा में कार्यरत कर्मचारियों को नये नियम में ढील देकर समायोजित कर पक्का किया जायेगा। वर्दी भत्ता, धुलाई भत्ता, सफाई भत्ता बढ़ाया जायेगा। छुट्टियों में काम करने वाले कर्मचारियों को दी जाने वाली 600 रूपए की राशि को बढ़ाया जाएगा। 100-100 वर्ग गज के प्लाट दिए जायेगें। माली, बेलदार, सीवरमैन, क्लर्क, इलेक्ट्रीशन, सफाई निरीक्षक, लेखा निरीक्षक, फायरमैन, चालक, ट्यूबवैल चालकों के रिक्त पदों पर नियमित भर्ती की जायेगी।

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