Sunday, August 27, 2017

रामलीला के मंच पर कोई रीटेक नही होता : हरीश चन्द्र आज़ाद


फरीदाबाद 27 अगस्त(abtaknews.com)श्री धार्मिक लीला कमेटी 5 नम्बर एम ब्लाक में आज सीता हरण में राम के विलाप का अभ्यास किया गया । र्निदेशक हरीश चन्द्र आज़ाद ने बताया कि यह दृश्य रामलीला के राम का सबसे भावुक दृश्य होता है जब सीता हरण के बाद प्रभु राम भी अपना धैर्य खो देते हैं और विलाप करते हैं इसलिय इस सीन को मार्मिक बनाने के लिये राम का पात्र निभा रहे पंकज खरबंदा ने करीब दो घंटे अभ्यास किया और श्री राम को विलाप करते देख लक्ष्मन किस तरह से राम का ढांढसा बढ़ाते है यह कला देखने लायक होती है लक्ष्मन का अभिनय कर रहे दीपक नागपाल क्रोधित और भावुक दृश्यों को करने में अपना 15 वर्ष का अनुभव लगा रहे है । र्निदेशक ने बताया कि राम और लक्ष्मन की यह जोड़ी करीब 15 वर्षों से यह रोल कर रही है । आज़ाद ने बताया कि सीता हरण के बाद जिस तरह से श्रीराम अपना धैर्य खोते हुए पंचवटी को तहस नहस करते हुए अपना आपा खोते हुए विलाप करते है यह दृश्य दर्शकों को बहुत भावुक करेगा इसलिये इस दृश्य पर पंकज खरबंदा ने कड़ा अभ्यास किया । उन्होने कहा कि हमारा मकसद दर्शकों तक सम्पूर्ण अभिनय के साथ मर्यादा पुरूषोतम राम का संदेश जन जन तक पहुचाना है 
र्निदेशक हरीश चन्द्र आज़ाद ने कहा रामलीला के मंच पर कला दिखाना फिल्मों से ज्यादा कठिन होता है क्योकि मंच पर कोई रीटेक नही होता गलती को सुधारने का कोई चांस नही मिलता इसलिये हम लोग इतना अनुभव होते हुए भी 45 दिन पहले कठिन अभ्यास करते हैं ।


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