Tuesday, August 8, 2017

हरियाणा कर्मचारी महासंघ जिला फरीदाबाद ने किया आक्रोश व्यक्त




फरीदाबाद(abtaknews.com ) 08 अगस्त 2017;हरियाणा कर्मचारी महासंघ जिला फरीदाबाद कार्यकारिणी की मीटिंग स्वस्थ विभाग परिसर सेक्टर-11 के हरियाणा कर्मचारी महासंघ कार्यालय में कर्मचारी महासंघ के जिला प्रधान महेन्दर सिंह व सचिव जयसिंह गिल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई । जिसमे कि मुख्यतौर पर पहुँचे हरियाणा कर्मचारी महासंघ फरीदाबाद के जिला चैयरमेन सुनील खटाना ने अपने सम्बोधन में कहा कि प्रदेश की सरकार कर्मचारियों के हितों को नजरंदाज कर मनमानी करने पर आमादा है जिसे लेकर सरकार के प्रति कर्मचारियों में आक्रोश दिनपर दिन निरंतर बढ़ता जा रहा है प्रदेश सरकार दवारा कर्मचारियों की मांगों को लेकर 19 अगस्त तक पूरा नही किया गया तो 20 अगस्त को प्रदेश के सभी कर्मचारी सीएम सिटी करनाल में आयोजित आक्रोश रैली कर सरकार से आरपार की लड़ाई का ऐलान करेंगे हरियाणा कर्मचारी महासंघ फरीदाबाद की जिला इकाई के प्रेस सचिव लेखराज चौधरी ने अपनी बुलन्द आवाज में कहा कि भाजपा सरकार कर्मचारियों के लिये पूर्व की सरकार में की गई घोषणाओं को अब लागू नही कर रही है जिससे प्रदेश के तमाम वर्गों के कर्मचारियों के हितों की अनदेखी हो रही है उन्होंने कहा कि पंजाब के समान वेतनमान देने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, रिक्त पदों को स्थाई भर्ती से भरने, वर्क लोड के आधार पर नये पद सृजित करने, महकमो में खाली पड़े लाखों पदों को पक्की भर्ती से भरना जैसी अनेकों मुख्य माँगें हैं जिन्हें माना नही जा रहा व चैयरमेन सुनील खटाना ने कहा आक्रोश रैली को कामयाब बनाने के लिये तहसील व ब्लाक व जिला स्तर पर कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है हरियाणा प्रदेश भर के साढ़े 3 लाख कर्मचारी करनाल की इस विशाल आक्रोश रैली में हिस्सा लेंगे एचएसईबी वर्कर्स यूनियन फरीदाबाद के सर्कल सचिव सन्तराम लाम्बा ने अपने सम्बोधन में कहा कि पूर्ववर्ती काँग्रेस की सरकार के समय जब प्रदेश में यूनियन द्वारा आन्दोलन किया गया था तब की सरकार ने उनकी बहुत सी माँगे माँग ली थी व कुछ बातें भाजपा नेताओं ने भी अपने चुनावी घोषणा पत्र में शामिल कर कहा था कि भाजपा सरकार सत्तासीन होने पर उन्हें तुरन्त प्रभाव से लागू करने का आश्वासन भी दिया इन घोषणाओं को भाजपा सरकार अब लागू न कर ढुलमुल रवैया अपना रही है जबकि मुख्यमंत्री से दो बार यूनियन नेताओं की वार्ता समिति की मीटिंग हो चुकी है जिसमे कुछ बातों पर सहमति भी बन चुकी है लेकिन अभी तक उन्हें अमलीजामा नही पहनाया गया है जिससे कर्मचारियों में तीव्रता से रोष पनप रहा है व कर्मचारियों के हितों की अनदेखी हो रही है । छठे वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर करने, सातवें वेतन आयोग के सभी मूल भत्ते का लाभ दिये जाने, आउटसोर्स पॉलिसी की नीतियों को तुरन्त बन्द करने, एक्सग्रेसिया पॉलिसी 1995 को पुनः लागू करने, बिजली बोर्ड के कर्मचारियों को जोखिम भत्ते देने, 2006 के बाद लगे नये कर्मचारियों को पुरानी पेंशन स्कीम का लाभ देने, मैडिकल कैशलेश सुविधा का लाभ देने आदि की माँग की है यदि समय रहते सरकार ने कर्मचारियों की माँगों को नही माना तो आने वाली 20 अगस्त की आक्रोश रैली में कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन हड़ताल व जेल भरो आन्दोलन भी होगा । इस दौरान अगर प्रदेश में किसी प्रकार की औद्योगिक अशान्ति भंग होती है तो इसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी स्वयं प्रदेश सरकार की होगी । इस अवसर पर रामनिवास, जयभगवान आंतिल, कर्मबीर यादव, रामसरन, श्यामबीर अधाना, श्रीचन्द धारीवाल, राजेश तेजपाल, जगदीश, योगेश शर्मा, बृजपाल तंवर, दयानन्द, भारत सिंह नेगी, बलबीर कटारिया आदि कर्मचारी नेताओं ने अपने विचार रखे व आक्रोश रैली को सफल बनाने के लिये संकल्पकृत हुऐ ।।

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