Tuesday, August 22, 2017

सुप्रीम कोर्ट के फैंसले ने मुस्लिम महिलाओं की आजादी का रास्ता साफ कर दिया


नई दिल्ली (abtaknews.com)22 अगस्त,2017- जिल्लत भरी जिंदगी से अब आजादी मिलने वाली है।आज मुस्लिम महिलाओं के लिए सुप्रीम कोर्ट का फैंसला ऐतिहासिक दिन है। 1935 के शरीयत कानून में ही कुछ संशोधन किए जाएंगे. यह कानून मुस्लिम निकाह कानून को कवर करता है. इसके चलते नया कानून लाने की जरूरत नहीं है. सुप्रीम कोर्ट के बहुमत से लिए गए फैसले से पहले ही साफ हो गया है कि तीन तलाक असंवैधानिक और अवैध है। 
सुप्रीम कोर्ट का फैसला कहता है कि एक मुस्लिम महिला को तीन तलाक कहने का मतलब तलाक नहीं है. महिला पुराने कानूनों के तहत अत्‍याचार और प्रताड़ना का केस दर्ज करा सकती है। कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने आज मंगलवार को तीन तलाक को असंवैधानिक करार दे दिया है ।  पांच जजों की बेंच में से तीन ने ट्रिपल तलाक के खिलाफ फैसला सुनाया है। 3-2 से आए इस फैसले के बाद भारत में तुरंत तीन तलाक पर रोक लग दी गई है।  केंद्र सरकार ने कहा है कि वह ट्रिप्पल तलाक मामले में कोई नया कानून नहीं बनाएगी। 
फैंसले से मुस्लिम महलाओं ने राहत की सांस ली है।  मुस्लिम बहुल क्षेत्र में इस फैंसले को सेलिब्रेट किया जा रहा। अधिकांश मुस्लिम महिलाये एवं युवतियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त कर रही हैं। 

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