Sunday, July 9, 2017

गीता कल भी सत्य थी आज भी सच्ची है,पुलिस ने भी माना बेदाग है महिला सुरक्षाकर्मी गीता

फरीदाबाद 9 जुलाई,2017(abtaknews.com)गीता कल भी सत्य थी और आज भी सच्ची है। जी हां हम गीता ग्रंथ की नही बल्कि गीता महिला सुरक्षा कर्मी की बात कर रहे हैं जो कि वास्तव में अपने नाम के अनुरूप सही साबित हुई। जिले के सबसे बडे सरकारी अस्पताल बीके में तैनात महिला सुरक्षाकर्मी गीता पर पिछले महीने बच्चा चोरी की वारदात में शामिल होने का झूठा आरोप लगा, मामला मीडिया की सुर्खिंया बनते ही पुलिस फोर्स एवं अन्य जांच एजेंसियां हरकत में आई। इस मामले में गीता को मुख्य आरोपियों का सहयोगी बना दिया गया जबकि घटना वाले दिन गीता छुट्टी पर थी। पुलिस ने गाजियाबाद की दिल्ली में कार्यरत एक महिला एडवोकेट और उसकी सिस्टर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। सीआईए डीएलएफ के इंस्पेक्टर जसबीर सिंह ने इस पूरे मामले की गहनता से जांच की और महिला सुरक्षाकर्मी गीता को निर्दोष पाया। सामाजिक संस्था सहयोग जागृति ने गीता की इस पूरे मामले में जमकर पैरवी की। संस्था की अध्यक्ष रेखा दीक्षित ने बताया कि गीता बहुत ही ईमानदार, मेहनती लडकी है। श्रीमति दीक्षित ने बताया कि पहले भी बीके अस्पताल में एक बच्चा चोरी की वारदात हुई थी जिसमें डयूटी पर तैनात गीता ने अपनी सूझ बूझ से उस मामले को सुलझाने मेंं मदद की थी और आरोपियों को पकडवाया था। संस्था ने गीता के बचाव में उतरने से पहले पूरे मामले की जानकारी हासिल की। ऐसी नगर की रहने वाली गीता ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि जिस समय बच्चा चोरी हुआ उस वक्त वह डयूटी पर नही थी। मेरी डयूटी 8 बजे खत्म हुई थी जबकि बच्चा 9 बजे के करीब चोरी हुआ उस समय दूसरा स्टॉफ डयूटी पर तैनात था। गीता ने बताया कि इसी अस्पताल में मेरी डयूटी के दौरान 6 महीने पहले भी बच्चा चोरी की वारदात हुई थी जिसे हमने सुलझाने में पुलिस की मदद की जिस कारण गीता को ईनाम भी दिया गया था। गीता की पैरवी करने वाली सामाजिक संस्था सहयोग जागृति ने इस मामले की निष्पक्ष जांच करने के लिए सीआईए डीएलएफ इंस्पेक्टर जसबीर सिंह और उनकी टीम को सम्मनित किया। संस्थ अध्यक्ष रेखा दीक्षित ने कहा कि जसबीर सिंह जैसे पुलिस अधिकारियों की बदौलत शहर में अपराध पर अंकुश और निर्दोषों को न्याय मिल पाता है।

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