Saturday, July 22, 2017

जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट में दायर करेंगे अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा को लेकर जनहित याचिका - वीरेश शांडिल्य



चंडीगढ़(abtaknews.com)22 जुलाई,2017 ; आवाज़-ए-हिंदुस्तान के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं श्री हिन्दू तख़्त के राष्ट्रीय प्रचारक वीरेश शांडिल्य ने कहा की 7 अगस्त तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा को लेकर अब वह जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करेंगे l शांडिल्य ने कहा की उनके वकील निवेदिता शर्मा व अभिनय शर्मा ने 13 जुलाई को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर केंद्र व जम्मू-कश्मीर सरकार को नोटिस जारी करने की मांग की थी व अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा का जिम्मा श्राइन बोर्ड से लेकर केंद्र सरकार को देने की माग की थी लेकिन हाईकोर्ट ने कहा यह जनहित याचिका जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट में दायर की जाए इस हाईकोर्ट में याचिका दायर करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है l शांडिल्य ने आज जारी प्रेस ब्यान में बताया की उन्हें इस बात का दुःख है की आज हाईकोर्ट में उन्हें अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा को लेकर जनहित याचिका वापिस लेनी पड़ी हालांकि उनके वकील निवेदिता शर्मा व अभिनय शर्मा ने हाईकोर्ट को यह बताने का प्रयास किया की केंद्र व जम्मू-कश्मीर सरकार को नोटिस होने के बाद केंद्र व जम्मू-कश्मीर सरकार यात्रा को लेकर और गंभीर हो जाएगी लेकिन उनके पास कानूनी अधिकारों की अड़चन के कारण उन्हें जनहित याचिका दुखी मन से वापिस लेनी पड़ी साथ ही शांडिल्य ने बताया की आज उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश को पत्र भेजकर कहा की देश व देशवासियों की सुरक्षा को लेकर यदि आम आदमी कोई जनहित याचिका दायर करता है तो उसे राज्य का कोई भी हाईकोर्ट सुन सकता है ऐसी गाइडलाइन सुप्रीम कोर्ट राज्यों के हाईकोर्ट को जारी करें l उन्होंने मुख्य न्यायधीश को भेजे पत्र में कहा की क्या देश का एक गरीब आदमी एक आम आदमी या एक आम एनजीओ जो ग्राम स्तर पर सीमित हो क्या उसे देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाने को लेकर जनहित याचिका दायर करने का अधिकार नहीं होना चाहिए l उन्होंने सुप्रीम कोर्ट को लिखे पत्र में कहा की सुप्रीम कोर्ट जनहित याचिकाओं को लेकर तमाम बंदिशों को खत्म करें और यदि कोई फर्जी या कोई निजी फायदे को लेकर जनहित याचिका सुप्रीम कोर्ट या राज्य के हाईकोर्ट में दायर करता है तो उसे मात्र जुर्माना ही नहीं कैद भी की जाए लेकिन जनहित याचिका पर इस तरह की बंदिशे हटाई जाए की याचिकाकर्ता की आय का स्त्रोत क्या है याचिकाकर्ता का लोकलस्टैंडा क्या है इस आधार पर सुनवाई न हो l शांडिल्य ने कहा सुप्रीम कोर्ट को कम से कम आतंकवाद के खिलाफ,धार्मिक भावनाओं व देश की एकता और अखंडता से जुड़ी जनहित याचिकाएं सुनने के लिए देश के तमाम राज्यों को सुनने की गाइडलाइन जारी करनी चाहिए l उन्होंने सुप्रीम कोर्ट को लिखे पत्र में कहा की देश की न्यायपालिका निष्पक्ष है व संविधान का सुरक्षा कवच है ऐसे में जो जनहित याचिकाएं राष्ट्रहित में दायर हो उनपर तमाम अड़चने खत्म करने को लेकर तमाम राज्यों के हाईकोर्ट को आदेश दें l शांडिल्य ने कहा की वह हाईकोर्ट के आदेशों का सम्मान करते है पर अगर हाईकोर्ट इसपर नोटिस कर देता तो अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा पहरा कड़ा हो जाता व उनका समय भी बच जाता l

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