Wednesday, July 19, 2017

बेटों ने हरिद्वार से पलवल अपने माता पिता को कांवर में बैठा कर कराई तीर्थ यात्रा



फरीदाबाद 19 जुलाई,2017(abtaknews.com ) आपने पौराणिक युग में श्रवण कुमार के बारे में तो सुना होगा जिसने अपने माता पिता को तीर्थ यात्रा कराई थी। उस युग  श्रवण कुमार ने कावड़ बनाई जिसके एक और अपने पिता तो दूसरी और अपनी माता को बैठा कर अपने कंधे के सहारे तीर्थ यात्रा कराइ थी। इस युग में जिसे कलयुग  कहते है एक माता पिता के पांच बेटे श्रवण कुमार के रूम दिखाई दिए जिन्होंने श्रवण कुमार की ही तरह अपने माता पिता को कांवड में बैठा कर हरिद्वार से पलवल फुलवाड़ी गाँव की तीर्थ यात्रा करा रहे है। इन तस्वीरों में आप देख रहे हैं की एक कावड़ है जिसमे एक ओर एक बुजुर्ग पुरूष तो एक ओर एक बुजुर्ग महिला बैठी है और कावड़ को कंधे पर उठाये  कुछ युवक अपनी मंजिल की ओर चल जा रहे है। चलिए हम आपको बताते है इन  तस्वीरों की हकीकत क्या है। दरअसल में ये पाँच युवक सगे भाई है और इनके बच्चे भी इनके साथ है ,और कावड़ में बैठे यह दम्पति इनके माता पिता है और यह पलवल के गाँव फूलवाड़ी के रहने वाले है जो अपने माता पिता को हरिद्वार से ऐसी तरह से अपने कंधो पर लेकर आ रहे है। इनकी माने तो सावन का महीना चल रहा है और इस महीने में श्रद्धालु हरिदवार, नीलकंठ ,हरकी पौड़ी जय कई धार्मिक स्थलों से गंगा जल लेकर आते है और अपने अपने इलाके के शिव मंदिरो में जलाभिषेक करते है। इनकी माने तो पिछली बार की कावंड यात्रा में इन्होने एक युवक को देखा थो एक गाडी के माध्यम से तीर्थ करा रहा था , तभी से उन्होंने मन बना लिया था की वह भी एक दिन अपने माता पिता को भगत श्रवण कुमार की तरह ही तीर्थ यात्रा करेएंगे। तब उनके भाई छोटे थे लेकिन इस साल उनके भाईयों ने ठान ली थी अबकी बार वह अपने माता पिता को तीर्थ यात्रा कराएंगे और वह करा रहे है वह हरिद्वार से जल भर कर लाये है और अभी उन्हें पलवल जाना है जहा उनकी यात्रा खत्म होगी। वह छाते है की सभी अपने माता पिता की इसी प्रकार से सेवा करें।  वही अपने बेटो के कंधो पर अपने पोत्रो के साथ तीर्थ यात्रा कर रहे दम्पति इस यात्रा से काफी खुस नजर आये  उन्होंने कहा की वह चाहते ही की सभी बच्चो को अपने माता पिता की ऐसे ही सेवा करनी चाहिए। 

loading...
SHARE THIS

0 comments: