Saturday, July 22, 2017

पलवल की एक मां जो पति-बेटा व बेटी खो चुकी है , न्याय के लिए 7 साल से भटक रही है



पलवल (abtaknews.com)निर्धन का कोई नहीं । आज  एक मां जो सब कुछ अपना लुटा चुकी है अपने बचे हुए  एक घायल बेटे, जिसे कुछ दिन पहले  एक गाड़ी ने साजिशन  टक्कर  मार दी थी, के साथ मुझसे मिलने आई पलवल से ( इस शिकायत पर भी आज तक कार्यवाही नहीं हुई ) 2 घंटे की मुलाकात में बिलखती ही रही। कुछ 7 साल पहले पड़ोसी (जो  जीवन ज्योति स्कूल के मालिक हैं) बेसमेंट बनाने के चक्कर में इनका 50 गज का मकान गिरा दिया और इनकी उनसे कहा सुनी हो गई। वहीं से शुरु हुई इनके विनाश की दास्तान। पहले पति फिर जवान एक बेटा और बेटी खो चुकी यह मां दर-दर की ठोकर खा रही हैं इंसाफ के लिए। बेटा और बेटी की लाश को तो एक ही दिन अग्नि दी गई । दबंगो के प्रभाव से पलवल में सरकारी अस्पताल ने तो इलाज करने से मना कर दिया था  और जब यह मां इन्हें BK फरीदाबाद ऑटो से लेकर आई तो दोनों मर चुके थे और एमएलआर रिपोर्ट  इन्हें आज तक नहीं दिखाई गई। डेढ़ महीना हो गया 302 की संगीन धारा में मुकदमा दर्ज हुए कोई गिरफ्तारी नहीं हुई आज तक। मैं आज अपने दोस्तों के साथ इनके घर जाकर आया बहुत ही दयनीय स्थिति में है यह मां।
कोई सुनने वाला नहीं है न पुलिस न प्रशासन न कोई नेता--एक बात सोच कर दुख होता है अब क्यों कोई नेता और  मनवाधिकार वाले इनकी मदद को आते हैं।  क्यों लोगों को समझ नहीं आता जाति और धर्म दो ही होती है एक अमीर और एक गरीब। गरीब का हमेशा शोषण होता है और अमीर हमेशा शोषण करता है। पर शायद ब्राह्मण परिवार से होना इनकी गलती है। इस विषम परिस्थिति में  सबको  इनका साथ देना चाहिए और अपने दोस्तों से अपील करता हूं मानवता के लिए इस परिवार की मदद करें।

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