Thursday, July 27, 2017

मांदकौल में हुए दुर्गादत्त मर्डर में चुनावी रंजिश में लोगों को फंसाया


पलवल27जुलाई,2017(abtaknews.com ) 20 जुलाई को गांव मांदकौल में फायरिंग में 48 वर्षीय दुर्गादत्त की मौत के मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जहां पलवल बार एसोसिएशन जिला न्यायालय के बाहर तंबु गाढ़कर अनिश्चिकालीन धरने पर बैठी हुई है। वहीं, मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर दोपहर बाद फरीदाबाद बार एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल महासचिव सतवीर शर्मा, बार काउंसिल पंजाब एंड हरियाणा एनरोलमैन कमेटी के चेयरमैन ओपी शर्मा, पूर्व महासचिव अनिल पाराशर की अगुवाई में पुलिस उपाधीक्षक(डीएसपी) अभिमन्यु सिंह से मिला। वकीलों ने डीएसपी के सामने वकीलों को मामले में निर्दोष फंसाने का विरोध जताया। चेयरमैन ओपी शर्मा ने डीएसपी को आगाह किया कि अगर किसी वकील को निर्दोष फंसाया गया तो पुलिस को वकीलों का आक्रोश का सामना करना पड़ेगा। बार एसोसिएशन पुलिस के अनैतिक तरीके से निर्दोषों को फंसाने का पुरजोर विरोध करेगी। फरीदाबाद जिला बार एसोसिएशन के महासचिव सतवीर शर्मा ने डीएसपी से आग्रह किया कि मामले में तीनों वकील निर्दोष है। पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इसलिए अब बेवजह वकील परिवारों को तंग नहीं करना चािहए। पुलिस को अब गांव में शांति बहाली के प्रयास करने चाहिए। ताकि एक सप्ताह से पुलिस के भय से भागे परिवार दोबारा गांव आ सकें। डीएसपी ने प्रतिनिधिमंडल को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। मौके पर राजकुमार शर्मा, सुनील दीक्षित, पकंज पाराशर, कपिल पाराशर, विजय शर्मा, संजीव भारद्वाज, अशोक चौहान, अजीत दलाल, कृष्ण मौर्य और विजय भारद्वाज मौजूद थे। 

चुनावी रंजिश में लोगों को फंसाया; मामले को लेकर आरोपी पक्ष के लोग भी एसपी सुचोलना गजराज से मिलने पहुंचे। उन्होंने लघु सचिवालय पर जोरदार प्रदर्शन कर मामले की निष्पक्ष जांच और परिवाराें को सुरक्षा देने की मांग की। प्रदर्शन की अगुवाई योगेश कौशिक ने की। ज्ञापन के माध्यम से मांदकौल गांव के लोगों ने बताया कि उनका परिवार शिक्षित व नौकरीपेशे से जुड़ा हुआ है। जन कल्याण के कार्यों की बदौलत वे 22 साल पांच बार सरपंच पद पर रहे। जबकि दूसरे पक्ष को हर बार हार का सामना करना पड़ा। उसकी जमानत तक जब्त हो जाती थी। इसी चुनावी हार के कारण दूसरा पक्ष ने यह षड़यंत्र रचा है। जिसमें पूरे परिवार को नामजद किया गया है। जबकि आरोपी लोग गांव में मौजूद भी नहीं थे। महिला लीलाए कुसुम, राजवीर, कमला, रेखा, मोहित, रामकुमार, उमेश ने बताया कि पुलिस लगातार घराें में दबिश डाल रही है। पुलिस के ड़र के कारण घर पर अब कोई पुरूष वर्ग नहीं है। महिलाएं भी डर के कारण दूसरी जगह शरण लिए हुए है। जबकि दूसरा पक्ष खुले आम गांव में परिवारजनों को मारने की धमकी दे रहे है। यदि कोई व्यक्ति हमारे खेतों में पानी लगाने जा रहा है तो उसके साथ मारपीट की धमकी दी जा रही है। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही सदर थाना प्रभारी रतनलाल ने लोगों से ज्ञापन लिया और उन्हें निष्पक्ष जांच की मांग की। 

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