Thursday, July 6, 2017

ब्रिक्स के शिक्षा मंत्रियों की पांचवीं बैठक आज चीन के बीजिंग में संपन्न


नई दिल्ली(abtaknews.com)ब्रिक्स देशों के शिक्षा मंत्रियों की बैठक 5 जुलाई, 2017 को चीन के बीजिंग में हुई। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मानव संसाधन विकास मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर ने किया। ब्रिक्स के सभी पांच देशों के प्रतिनिधिमंडल ने दो दिवसीय बैठक में हिस्सा लिया।इस अवसर पर मानव संसाधन विकास मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर ने बीजिंग में बैठक आयोजित करने को लेकर चीन को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रत्येक व्यक्ति को सशक्त बनाती है। यह बैठक भविष्य की दुनिया के लिए दिशा तय करेगा। शिक्षा सार्वकालिक और गैर-राजनीतिक एजेंडा है। इसमें किसी प्रकार के समझौते की नहीं बल्कि सहयोग की आवश्यकता है। इसलिए आज की जरूरत है - शिक्षा के संदर्भ में सहयोग के स्तर को बढ़ाना।

श्री जावड़ेकर ने ब्रिक्स नेटवर्क विश्वविद्यालय और ब्रिक्स थिंकटैंक परिषद के रूप में संस्थागत तंत्र के निर्माण की प्रशंसा की। ब्रिक्स नेटवर्क विश्वविद्यालय के अंतर्गत पांच देशों के 12 विश्वविद्यालय शिक्षा, शोध व नवोन्मेष के क्षेत्र में परस्पर सहयोग करेंगे। मंत्री महोदय ने कहा कि यह भी एक प्रशंसनीय कार्य है। प्राथमिकता के अनुसार पांच क्षेत्रों – संचार व सूचना प्रौद्योगिकी, अर्थशास्त्र, जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन तथा प्रदूषण और ब्रिक्स अध्ययन का चयन किया गया। भारत सहयोग के इन सभी क्षेत्रों में पूरे उत्साह से शामिल होगा।

श्री जावड़ेकर ने कहा कि भारतीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में सरकार शिक्षा में सुधार कर रही है और फिर से प्राथमिकताएं तय कर रही है। स्कूली शिक्षा के अंतर्गत सीखने के स्तर पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है और विद्यार्थियों में रचनात्मकता बढ़ाने तथा जिज्ञासा व उत्सुकता जगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उच्च शिक्षा में कौशल निर्माण, शोध व अनुसंधान और ननोन्मेष पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मंत्री महोदय ने जोर देते हुए कहा कि वंचितों और हाशिए के लोगों को समान अवसर प्रदान करने के लिए छात्रवृत्ति में वृद्धि, शिक्षा ऋण, शुल्क में छूट जैसे कदम उठाए जा रहे हैं।

मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर ने शिक्षा के क्षेत्र में भारत सरकार के कुछ बड़े निर्णयों का उल्लेख किया। उन्होंने राष्ट्रीय संस्थान श्रेणी फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) का जिक्र करते हुए कहा कि यह भारतीय संस्थाओं को सापेक्ष श्रेणी (रैंकिंग) प्रदान करती है। इसके अतिरिक्त भारत का स्वदेशी एमओओसी प्लेटफॉर्म स्वयं” (एसडब्ल्यूएवाईएएम) है जो 480 ऑनलाइन पाठ्यक्रम संचालित है और 2000 पाठ्यक्रमों की योजना बना चुका है। ज्ञान (जीआईएएन – शैक्षणिक नेटवर्क के लिए वैश्विक पहल) के अंतर्गत 62 देशों के 600 प्रोफेसर हैं जिन्होंने भारत में शैक्षणिक पाठ्यक्रमों का संचालन किया है और हमें आशा है कि इस वर्ष 800 प्रोफेसर अपना योगदान देंगे। मंत्री महोदय ने भारत के शोध कार्यक्रम इंप्रिंट का उल्लेख करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम भारत में शोध के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान करता है। इसके अलावा राष्ट्रीय डिजिटल लाइब्रेरी है जो 7.2 मिलियन ऑनलाइन संसाधन निःशुल्क उपलब्ध कराता है। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय शैक्षणिक भंडार (एनएडी- नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी) और स्मार्ट इंडिया हैकेथॉन हैं जिसके तहत 40 हजार विद्यार्थी विभिन्न स्रोतों से आए 300 समस्याओं का समाधान करते हैं।
 ब्रिक्स सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने देशों के शिक्षा व्यवस्था, सरकार के कार्यक्रम और ब्रिक्स देशों के मध्य सहयोग के क्षेत्रों की पहचान करने का उल्लेख किया। 04 जुलाई, 2017 को उच्च अधिकारियों की बैठक में शिक्षा पर बीजिंग घोषणा पत्र चर्चा हुई। बीजिंग घोषणा पत्र ब्रिक्स सदस्य देशों के मध्य कुछ विशेष कार्यक्रमों में अधिक सहयोग की पहचान करता है। इसके अंतर्गत स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी और व्यवसायिक शिक्षा का समावेश किया गया है।

शिक्षा मंत्रियों की बैठक से पूर्व चीन के झेंगझाउ में 01 से 03 जुलाई, 2017 के दौरान ब्रिक्स नेटवर्क विश्वविद्यालयों (ब्रिक्स-एनयू) के कुलपतियों का सम्मेलन, ब्रिक्स एनयू के अंतर्राष्ट्रीय गवर्निंग बोर्ड की बैठक तथा ब्रिक्स एनयू के इंटरनेशनल थिमैटिक ग्रुप (आईटीजे) की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में ब्रिक्स एनयू की संरचना पर सदस्य देशों ने हस्ताक्षर किए।ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की बैठक के अंतिम सत्र में भारत के मानव संसाधन विकास मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर तथा चीन के शिक्षा मंत्री श्री चेन बाओशेंग के मध्य द्विपक्षीय बैठक हुई जिसमें दोनों देशों के बीच सहयोग पर चर्चा हुई।

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