Thursday, July 6, 2017

भारतीय प्रवासी परिषद के प्रदेश अध्यक्ष संतोष यादव ने दिया बाबा रामकेवल को अपना समर्थन

फरीदाबाद 6 जुलाई,2017(abtaknews.com)पिछले काफी समय से नगर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ अनशन पर बैठे रतन रोहिल्ला के समर्थन में बाबा रामकेवल,रतन रोहिल्ला, वरूण श्योकंद को आज भारतीय प्रवासी परिषद के प्रदेश अध्यक्ष संतोष यादव के नेतृत्व में सैकड़ों पदाधिकारियों व सदस्यों ने अपना समर्थन दिया और इस लड़ाई में उनके सेाथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने का आश्वसन दिया। सभी पदाधिकारियों ने बाबा रामकेवल और उनके साथ अनशन पर बैठे सभी साथियों का फू लमालाओं से स्वागत किया और लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की भगवान् से कामना की ताकि बाबा जी भ्रस्टाचार और गुंडागर्दी के खिलाफ आवाज उठाते रहे। बाबा जी की लडाई कोई राजनेतिक लडाई नहीं है बाबा जी ने अपना अभियान उन भ्रस्ट अधिकारीयों के खिलाफ खोला है जो हर सरकार के साथ अपनी गोटी फि ट कर लेते है और जनता के पैसे के साथ लूटपाट करते है।हमारा फरीदाबाद का नगर निगम सफेद हाथी साबित हो रहा है आज देश के आजाद हुए लगभग 70 वर्ष हो गए लेकिन अभी भी मीठे पानी,सीवर,गंदगी, सडक, नाली आदि अन्य समस्याओं से जूझ रहे है । जब भी विकास कार्य के लिए जाओ तो नगर निगम के अधिकारी कहते है की नगर निगम पर पैसा नहीं है और नगर निगम पर लगभग 200 करोड का कर्ज है लेकिन बाबा जी और वरुण जीएरोहिल्ला जी और अन्य साथियों ने उजागर किया है की नगर निगम ने पिछले कई वर्षों मैं 2000 करोड घोटाले की बात कबूली है जबकि अगर जांच बैठाई जाये तो और ज्यादा घोटाला निकलेगा। सोचो ये सारा पैसा आपका और हमारा ही तो है जो हम कई प्रकार के टेक्स के रूप मैं देते है। जब तक ऐसे भ्रस्ट अधिकारी होंगे तो मोदी जी भी देश का कहाँ आगे बडा पाएंगे। इसलिए ऐसे भृष्ट अधिकारीयों को फाँसी की सजा होनी चाहिए और बाबा जी मांग को सरकार को माननी चाहिए ताकि पूर्व नेताओं ने जो घोटाला किया है वो सारा उजागर होगा। इन अधिकारीयों की सम्पति जब्त करके सारा पैसा विकास कार्य मैं प्रयोग किया जाये। सीएम विंडो सरकार का अच्छा कदम है जिसकी वजह से कुछ समस्या का निबटारा हो जाता है नहीं तो ये अधिकारी जनता को इधर उधर घुमाते रहते थे और कार्य नहीं करते थे। इन अधिकारीयों पर लगाम होनी चाहिए ताकि देश और समाज तरक्की करे। इस मौके पर राजू नोल्स, योगेश कोली, मनोज कोली सहित अन्य पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित थे।

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