Monday, July 10, 2017

जन-आंदोलन के आगे झुकी सरकार, बाबा रामकेवल ने तोडा अनशन

फरीदाबाद, 10 जुलाई,2017(abtaknews.com)हरियाणा प्रदेश में आज उस समय एक नया इतिहास कायम हो गया जब एक जन-आंदोलन के आगे झुककर सरकार को एक विभाग के समस्त सिस्टम की जांच करवाने के लिए एस.आई.टी. गठित करने का आदेश देना पड़ा। सामाजिक कार्यकर्ताओं के द्वारा भ्रष्टाचार विरोधी मंच गठित कर फरीदाबाद नगर निगम में व्याप्त महाभ्रष्टाचार की जांच करने की मांग को लेकर 55 दिन तक किये गए सत्याग्रह और एक संत के द्वारा 16 दिन तक किये गये आमरण अनशन के दबाब में हरियाणा सरकार को कथित भ्रष्टाचार की जांच के लिए एस.आई.टी. बनाने की घोषणा करने पर मजबूर होना पड़ा, जिसके लिए हरियाणा सरकार की ओर से राज्य के उद्योग मंत्री विपुल गोयल आज सुबह स्वयं निगम मुख्यालय स्थल पर आए, मंच के प्रतिनिधियों व अनशनकारी बाबा रामकेवल जी से बातचीत की और उक्त घोषणा की । मंच की ओर से डा. ब्रहमदत्त ने उद्योग मंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त शासन व प्रशासन प्रणाली कायम करने के वायदों के कारण ही वर्तमान केन्द्र सरकार व राज्य सरकार को नागरिकों ने चुना था, लेकिन भ्रष्टाचार की जांच की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं को 55 दिन तक और एक संत को 16 दिन तक आमरण अनशन पर बैठना पड़े - यह पीड़ादायक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि निगम के सिस्टम में रहकर सिस्टम के भ्रष्टाचार के विरूद्ध आवाज उठाना वाला व्यक्ति यदि पूरे भारतवर्ष में उसे मिला है तो फरीदाबाद नगर निगम में रतन लाल रोहिल्ला के रूप में मिला है जिसके नेतृत्व में वर्ष 2012 में किये गये आंदोलन के कारण सरकार को जांच कमेटी बनानी पड़ी, सरकार ने जांच कमेटी की सिफारिशों को लागू करने के आदेश दिये, जिन्हें निगम प्रशासन ने लागू नहीं किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से निगम अधिकारी का भ्रष्टाचार के विरूद्ध अपना सब कुछ दांव पर लगाकर के सड़क पर आकर संघर्ष करने का इतिहास रहा है, उसको ध्यान में रखते हुए वर्तमान सरकार को तो निगम को भ्रष्टाचार मुक्त करने के काम में उसकी मदद लेनी चाहिये, लेकिन कुछेक भ्रष्ट अधिकारियों ने उसका मुंह बंद करने के लिए सरकार को गुमराह करके उसे प्रताड़ित करवाना शुरू कर दिया, जिसके आगे झुकने की बजाए इस अधिकारी ने सत्याग्रह करने का काबिलेतारिफ कदम उठाया और इसी सत्याग्रह ने एक इतिहास कायम कर दिया है। डा. ब्रहमदत्त ने अपने सम्बोधन में कहा कि उनका यह संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष या पार्टी विशेष के विरूद्ध नहीं है बल्कि भ्रष्टाचार व भ्रष्टाचारियों के विरूद्ध है। उन्होंने मांग रखी कि भ्रष्टाचार की जांच के लिए ख्याति प्राप्त ईमानदार अधिकारियों को मिलाकर एस.आई.टी. का गठन किया जाए, जांच रिपोर्ट के बाद दोषियों को सजा देने के साथ-साथ रोहिल्ला जैसे ईमानदार अधिकारियों को समारोहपूर्वक सम्मानित किया जाए और निगम के वर्तमान सिस्टम में व्यापक सुधार कैसे हो यह भी एस.आई.टी. के अधिकार क्षेत्र का एजेंडा बनाया जाए जिससे कि आगे से घोटालों की गुजांईश ही ना रहे। इसके बाद हरियाणा सरकार की ओर से उद्योग मंत्री विपुल गोयल ने अपने सम्बोधन में सामाजिक कार्यकर्ताओं के द्वारा भ्रष्टाचार के मुद्दे पर किये गये इस आंदोलन का एक अच्छा कदम बताया और कहा कि बाबा जी को वे अपना गुरू मानते हैं, वे आदेश ही देते तो एस.आई.टी. का गठन पहले ही हो जाता। इसके बाद उन्होंने एस.आई.टी. की स्वीकृति का एलान करते हुए 10 दिन के अंदर इसका गठन करने और एक महीने के अंदर-अंदर जांच रिपोर्ट हासिल कर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही करने का भरोसा दिया तथा बाबा जी से अपना आमरण खोलने का आग्रह किया, जिस पर विचार करते हुए अनशनकारी बाबा रामकेवल ने अपना 16 दिन से चला आ रहा आमरण अनशन मान्यता नामक एक नन्ही से बालिक के हाथों जूस पीकर समाप्त किया। इसके साथ ही मंच ने यह भी एलान किया है कि एस.आई.टी. के गठन की अधिसूचना या आदेश जारी होने तक उनका शांतिपूर्वक सत्याग्रह जारी रहेगा। मंच की ओर से वरूण श्योकंद और रतन लाल रोहिल्ला ने भ्रष्टाचार विरोधी जंग में साथ दे रहे सभी शहरवासियों, सामाजिक, छात्र, कर्मचारी, किसान, व्यापार, धार्मिक संगठनों, राजनैतिक दलों और समाज सेवियों को भी सलाम करते हुए उम्मीद जाहिर की है कि भ्रष्टाचारियों को उनकी असली जगह तक पहुंचाने तक वे मंच के संघर्ष में इसी प्रकार से सहयोग देते रहेंगे।

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