Wednesday, July 5, 2017

फरीदाबाद का बरसाती जलभराव में डूबना नगर निगम का सबसे बड़ा घोटाला


फरीदाबाद, 5 जुलाई,2017(abtaknews.com) भ्रष्टाचार विरोधी मंच के वरूण श्योकंद और रतन लाल रोहिल्ला ने कहा है कि थोड़ी सी बारिस में ही पूरा निगम क्षेत्र विशेषकर सेक्टर 4, 6,7,8,9,10,11,12,14, 15,16,17,18,19, 28,29,30,31, 37 के पूरी तरह से डूब जाना और फिर बरसात के पानी के दो-तीन दिनों तक इन क्षेत्रों में खड़ा रहना मंच के द्वारा नगर निगम प्रशासन पर लगाए जा रहे भ्रष्टाचार के आरोपों की पुष्टि करने के लिए प्र्याप्त प्रमाण है। यहां तक केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री कृष्णपाल गूर्जर जी, राज्य के उद्योग मंत्री श्री विपुल गोयल जी और उच्चाधिकारियों के निवास स्थान के भी थोड़ी सी बारिस में डूब गये।  इस जलभराव के पीछे स्पष्ट रूप से क्षेत्र की सीवर लाईनें को साफ न होना ही है।  उन्होंने मांग की कि इन सेक्टरों सहित पूरे निगम क्षेत्र में जलभराव के कारणों की जांच के लिए बिना किसी देरी के उच्च स्तरीय जांच कमेटी बनाई जाए, क्योंकि इस मामले में सम्बन्धित अधिकारियों की विभाग के बड़े अधिकारियों व राजनेताओं से काफी नजदीकी है।  मंच ने आशंका व्यक्त की है कि इस क्षेत्र में जलभराव और जलभराव के दौरान सेक्टर 16 में बच्चों की नाव छोड़ने के पीछे किसी गहरे षड़यंत्र की बू आ रही है और संभावना है कि ऐसा करने के पीछे विवादास्पद सीवर लाईन के 19 करोड़ रूपये के टैंडर की स्वीकृति प्राप्त करना हो जिसका नगर निगम सदन में घपलेबाजी की आशंका के चलते काफी विरोध हो चुका है। श्योकंद और रोहिल्ला का कहना है कि यह एक बहुत बड़ा घोटाला है। नगर निगम क्षेत्र में मेनहोलों की गाद निकालने व सीवर लाईनों की सफाई के लिए बहुत महंगे किराए पर सुपर शाकर मशीनों को निर्धारित औपचारिकताओं को पूरी किये बिना  किराए पर लिया जा रहा हैं। इन मशीनों के किराए के उपलक्ष्य में अभी तक एक साल की अवधि में ही कई करोड़ रूपये की राशि की अदायगी की गई है।  जांच का विषय यह है कि सुपर शाकर मशीनों के किराए पर करोड़ों रूपये की राशि खर्च किये जाने के बावजूद इस क्षेत्र की सीवर लाईन साफ क्यों नहीं हुई और यदि सीवर लाईनें साफ करवाई जाती तो थोड़ी सी बारिस में जलभराव नहीं होता।  मंच का आरोप है कि स्पष्ट रूप से इस मामले में निगम अधिकारियों की मिलीभगत से एक बहुत बड़ा घोटाला हुआ हैं।  उन्होंने बताया कि नगर निगम के सभी क्षेत्रों के जलभराव के फोटो सहित एक शिकायत माननीय प्रधानमंत्री जी, मुख्यमंत्री जी को प्रेषित की जायेगी जिसमें जलभराव के कारणों का पता लगाने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की जांच कमेटी बनाने का आग्रह किया जायेगा।

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