Tuesday, July 11, 2017

अनंतनाग में भोले के भक्तों की मौत, आतंकियों पर तांडव होना चाहिए मोदी जी

नई दिल्ली(abtaknews.com )अनंतनाग में अमर नाथ यात्रियों पर आतंकी हमले का अफ़सोस और संवेदनाओं को व्यक्त करना छोड़कर सीधी करवाई होनी चाहिए। सब्र की सीमा नही बेसब्र होकर कुक्रिया की प्रतिक्रिया होनी चाहिए। मोदी जी भोले के भक्तों की मौत पर आतंकियों पर तांडव होना चाहिए। श्रवण माह के पहले सोमवार की शाम हुए आतंकी हमले का जवाब उन्हीं की भाषा में दिया जाना चाहिए।आतंकियों को मारते समय गिनती ना करें। पीएम मोदी बोले- दर्द बयां करने के लिए शब्द नहीं। जम्मू कश्मीर मुख्य मंत्री महबूबा मुफ़्ती ने कहा की अनंतनाग आतंकी हमले ने कश्मीरियों का सिर शर्म से झुका दिया है। सोनिया गाँधी ने कहा की शिव भक्तो पर हमला पूरी मानवता के खिलाफ अपराध है। अमरनाथ यात्रियों पर हमले की निंदा नहीं कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। कब कब हुए अमर नाथ यात्रियों पर हमले --- ये ऐसा पहला मामला नहीं है जब अमरनाथ यात्रा पर गए श्रद्धालुओं को आतंकियों ने निशाना बनाया है. इससे पहले जुलाई 2002 में आतंकियों ने अमरनाथ यात्रियों पर हथगोला फेंका था और गोलियां चलाई थीं जिसमें दो यात्री मारे गए इसके अलावा दो लोग घायल हुए थे. इस घटना के बाद उसी साल 6 अगस्त 2002 को आतंकवादियों ने अमरनाथ यात्रियों के कैंप पर हमला किया था जिसमें 10 लोगों की मौत हुई थी और 30 घायल हुए थे.2001 में पवित्र गुफा मंदिर से सिर्फ 19 किमी दूर शनिनाथ के पास गोलीबारी में 12 तीर्थयात्रियों और दो पुलिस अफसरों सहित तेरह व्यक्तियों की मौत हो गई थी और 15 तीर्थयात्री रूप से गंभीर घायल हो गए थे.2000 में आतंकवादियों ने किया था बड़ा नरसंहार इसे अमरनाथ यात्रियों को किया गया सबसे बड़ा आतंकी हमला माना जाता है. 2000 में भी अमरनाथ यात्रियों को निशाना बनाया गया था. आतंकियों ने पहलगाम में लगभग 30 तीर्थयात्रियों को मौत के घाट उतार दिया था. इस घटना में 60 से ज़्यादा यात्री घायल हुए थे. इस घटना के बाद कई तीर्थयात्रियों ने यात्रा बीच में ही छोड़ दी थी.

loading...
SHARE THIS

0 comments: