Thursday, June 1, 2017

एनएसयूआई ने फर्जी डिग्री का आरोप लगाते हुए लिंग्याज यूनिवर्सिटी के खिलाफ किया प्रदर्शन

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फरीदाबाद (abtaknews.com ) 01 जून,2017 ; एनएसयूआई ने फर्जी डिग्री का आरोप लगाते हुए लिंग्याज यूनिवर्सिटी के खिलाफ प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा। यूनिवर्सिटी ने पीड़ित छात्र के खिलाफ मुकदमा कर मानहानि का मुकदमा ठोका। पीड़ित छात्र का समर्थन कर रही छात्र संगठन एनएसयूआई ने कहा की राजनीतिक गठजोड़ के चलते निजी विश्व विद्यालय छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे है और प्रदेश व देश की सत्तारूढ़ सरकार मूक दर्शक बनी हुई है। फर्जी डिग्री मामले में मीडिया की सुर्खियां बनने पर प्रदेश -देश व विदेश में हो रही बदनामी के चलते यूनिवर्सिटी प्रशासन ने प्रेस को जारी लिखित बयान में उल्टा पीड़ित छात्र को ही फर्जी बता दिया है।

लिंग्याज यूनिवर्सिटी पर बीटेक के छात्र द्वारा लगाये गये फर्जी डिग्री के आरोप का मामला तूल पकडता हुआ नजर आ रहा है, यूनिवर्सिटी ने पीडि़त छात्र के खिलाफ मुकदमा कर मानहानि का दावा ठोका। जिसके चलते एनएसयूआई छात्र संगठन ने दर्जनों छात्रों के मिलकर लिंग्याज यूनिवर्सिटी के खिलाफ सेक्टर 12 जिलाउपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा है। छात्र संगठन की मांग है कि यूनीवर्सिटी की डिग्रियों की जांच करवाई जाये। वहीं यूनीवर्सिटी पर लगाये जा रहे फर्जी डिग्री के आरोपों को खारिज करते हुए यूनीवर्सिटी के वाइस चांसलर ने कहा कि है वो कोई फर्जी डिग्री नहीं दे रहे है छात्र ही फर्जी है।
हाथों में एनएसयूआई के झंडे लेकर सडकों पर उतरे दर्जनों छात्र लिंग्याज यूनिवर्सिटी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं छात्रों का आरोप है कि यूनीवर्सिटी छात्रों को फर्जी डिग्री देकर उनके भविष्य के साथ खिलवाड कर रही है इसलिये जांच की मांग करने के लिये उन्होंने जिलाउपायुक्त को ज्ञापन सोंपा है। लिंग्याज यूनिवर्सिटी के  छात्र प्रमोद का आरोप है कि उसने 2013 के बैच में 10वीं पास करने के बाद बी टेक में इंजीनीयरिंग करने के लिये प्रवेश लिया था, प्रवेश के दौरान लिंगयाज में बताया गया था कि 10वीं के बेस पर ये बी टेक डिग्री कोर्स है जो कि यूजीसी से मान्यता प्राप्त है। तीन साल पढाई करने के बाद चौथे साल में जब उन्होंने एम टेक के लिये पता किया तो दूसरे कालेज वालों ने मार्कशीट को फर्जी बताते हुए मना कर दिया, जिस पर उन्होंने यूजीसी में पता किया तो वहां से लिखित में जबाब मिला कि यूजीसी 10वीं के बेस पर कोई डिप्लोमा या डिग्री नहीं करवाती है, यूनीवर्सिटी की इस धोखधडी के लिये प्रमोद ने सीएम विंडो में शिकायत की जहां लगातार चार शिकायतें करने के बाद भी कोई ठोस जबाब नहीं मिला है। इस बीच में यूनीवर्सिटी के खिलाफ कार्यवाही करने को लेकर लिंगयाज प्रबंधन ने प्रमोद को कालेज से निकाल दिया है और मानहानि का दावा ठोक दिया है।

लिंग्याज यूनिवर्सिैटी प्रशासन का आरोप डिग्री फर्जी नहीं बल्कि छात्र फर्जी है --
की जानकारी में आया है कि आई.बी. टैक (डिप्लोमा और डिग्री कार्यक्रम) के पूर्व छात्र श्री प्रमोद अश्वन ने प्रेस स्टेटमेंट, फेसबुक पोस्ट और विश्वविद्यालय के प्रमुख द्वार को अवरऊद्ध करके विश्वविद्यालय के खिलाफ झूठा, भ्रामक और दुर्भावनापूर्ण प्रचार किया है। मामले की वास्तविक स्थिति निम्नानुसार है।
प्रमोद अश्वन ने वर्ष 2016 में बिना देय फीस दिए यूनिवर्सिटी छोड़ दी थी और तीन बार चैक के माध्यम से दिए गए फीस को भी जब बैंक में प्रस्तुत किया गया, वे तीन चैक भी बाउंस हो गए। इस तथ्य को उसके माता-पिता के सामने रखा गया। माता-पिता ने विश्वविद्यालय के अधिकारियों को बताया कि उन्होंने विश्वविद्यालय में जमा करने के लिए श्री प्रमोद अश्वन को फीस राशि दी थी, उन्हें पता नहीं था कि उसने विश्वविद्यालय में शुल्क की राशि जमा ही नहीं की है। साथ ही उसके पिछले सैमेस्टर में कई बैकलॉग हैं, जिसकी वजह से वह आई.बी. टेक (डिप्लोमा और डिग्री कार्यक्रम) की डिग्री के लिए भी योग्य नहीं है।
उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा अनुमोदित श्रेणी में डीम्ड यूनिवर्सिटी को किसी भी नए कोर्स या एर्लाड कोर्स शुरू करने की अनुमति है। लिंग्याज यूनिवर्सिटी में इंजीनियरिंग और टैक्नोलॉजी पाठ्यक्रम अनुमोदित है। यह प्रस्तुत किया गया है कि बी.टेक डिप्लोमा और डिग्री प्रोग्राम अनुमादित है। यह जुलाई 2014 की यूजीसी अधिसूचना और कई यूनिवर्सिटी में, जैसे कि सी.टी. यूनिवर्सिटी, गणपत यूनिवर्सिटी, लवनी प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, टैक्नो इंडिया यूनिवर्सिटी, पश्चिम बंगाल, राजीव गांधी यूनिवर्सिटी, बसर, आईटीएम यूनिवर्सिटी रायपुर छत्तीसगढ़, एनआईआईएमएस यूनिवर्सिटी, टैक्नोग्लोबल यूनिवर्सिटी, एसएल, आईटी, मानव रचना इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी में लांच किया गया है।
प्रमोद अश्वन के दुर्भावनापूर्ण पंचार को देखते हुए विश्वविद्यालय ने श्री प्रमोद का विश्वविद्यालय के अंदर प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है और मानहानि के लिए कानूनी नोटिस के साथ पुलिस में शिकायत दर्ज की है।

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