Wednesday, June 28, 2017

जुनैद हत्याकांड: ईएमयू शटल के यात्रियों के बीच है चर्चा, आखिर सामने क्यों नहीं आ रहे चश्मदीद रेल यात्री


junaid-murder-khandawli-ballabgarh-faridabad

फरीदाबाद(abtaknews.com)28जून,2017; जुनैद हत्याकांड एक पहेली बनकर रह गया है। आखिर क्या कारण है कि ईएमयू शटल का एक भी  चश्मदीद रेल यात्री अभी तक सामने नहीं आ पाया है।  जाँच एजेंसियां अंधेरा में तीर चला रही हैं वहीँ राजनैतिक फायदे के लिए विभिन्न पार्टियों एवं संगठनो के प्रतिनिधि गांव खंदावली में पीड़ित परिवार को संवेदनाएं देने के लिए पहुंच रहे है। गाजियाबाद-दिल्ली-मथुरा(69904) ईएमयू शटल के कोच नंबर 20065 में यात्रियों को सफर करने से डर लगता है। जो यात्री इस कोच में आमतौर पर सफर करते थे, उन्होंने कोच से किनारा कर लिया है। इस कोच में 22 जून शाम को असावटी रेलवे स्टेशन पर खंदावली निवासी जुनैद की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। हादसे को लेकर लोगों में अभी भी दहशत है। 22 जून शाम को कोच में अंदर ऐसी कौन सी बात हो गई, जिससे कुछ लोगों ने एक युवक को चाकू से गोदकर मौत के घाट उतार दिया। कोच में इस मामले की चर्चाएं गर्ग है। कुछ ऐसी बातें निकलकर सामने आ रही है। यदि वे सच साबित हुई तो मामले का रूख बदल सकता है। ''रिसर्च ग्रुप फॉर ट्रुथ एंड जस्टिस'' ने सोमवार शाम को ओखला स्टेशन से लेकर असावटी स्टेशन तक कोच में सफर कर लोगों की राय जाननी चाही जिसके आधार पर कुछ इस तरह की बातें सामने आई 
junaid-murder-khandawli-ballabgarh-faridabad

ओखला रेलवे स्टेशन (शाम 5:49 बजे)  अन्य दिनों की भांति ओखल रेलवे स्टेशन पर यात्री गाजियाबाद-दिल्ली-मथुरा शटल की बाट जोह रहे थे। स्टेशन पर खड़े लोगों में जुनैद हत्याकांड को लेकर चर्चा थी। संवाददाता ने यात्रियों को टटोलना चाहता तो उन्होंने उस दिन न आने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। 6:04 मिनट पर शटल ओखला स्टेशन पर पहुंची। कोच 20065 में दैनिक यात्री चढऩे से परहेज कर रहे है। इसलिए कोच में अधिकांश लोग दैनिक यात्री न होकर आम यात्री थे। हालांकि ओखला एक्सटेंशन स्थित एक कंपनी में काम करने वाला तीन युवा इस कोच में चढ़े। दबी जुबां में उन्होंने कुछ बातें बताई। कहा, भाई ज्यादा नहीं पता लेकिन, मामला लड़की का है। इससे ज्यादा हमें नहीं पता। 

ओल्ड फरीदाबाद रेलवे स्टेशन(शाम 6:32 बजे) आधा घंटा देरी से शटल ओल्ड फरीदाबाद रेलवे स्टेशन पहुंची। इसलिए यात्री कोसीकलां जाने वाली शटल से जा चुके थे। मथुरा तक जाने वाले बुजुर्ग सौदान सिंह भी शटल में बैठे हुए थे। बताया, वह आरोपियों को नहीं जानता था। क्योंकि वह दूसरी तरफ बैठा था। लेकिन झगड़ा हुआ था। लात-घुंसे भी चले। एक पड़ोसी ने बताया कि कुछ लड़के एक लड़की को छेड़ रहे थे। इसलिए लोगों ने जमकर पिटाई लगाई। सौदान में संवाददाता को पुलिस जानकर बात बंद कर दी। कोच में भुलवाना गांव के रविंद्र ने मीडिया को जमकर कोसा। कहा, मीडिया सच्चाई नहीं दिखा रही। जो बहन-बेटी की इज्जत पर हाथ डालेगा तो ऐसा ही होगा। हत्या का मामला है इसलिए हम आगे नहीं आ सकते। यदि सच्चाई से पड़ताल की जाए तो मामला कुछ और निकलेगा। 

बल्लभगढ़ रेलवे स्टेशन(6:44 बजे) स्टेशन आते-आते अधिकांश यात्री संवाददाता को समझ चुके थे। इसलिए बात करने से मुकरने लगे। तभी बल्लभगढ़ से कोसीकलां निवासी बिजेंद्र शटल में चढ़े। बिजेंद्र ने मामले की पूरी परत खोल दी। बताया, मामले को लेकर चर्चाएं जोरों पर है। मामला सीट को लेकर नहीं है। दिल्ली स्टेशन से एक लड़का अपनी छोटी बहन को लेकर बैठा था। ये तीनों लड़के लड़की को देख फब्तियां कस रहे थे। बार-बार दांत फाड रहे थे, कॉमेंट कर रहे थे। लड़की के भाई ने कई बार रोका। लेकिन लड़के नहीं माने। ओखला स्टेशन जाने के बद बुजुर्ग ने इन लड़कों को जोर से धमकाया। लड़कों की बुजुर्ग से तू-तू, मैं-मैं हो गई। गुस्से में आकर बुजुर्ग ने हाथ उठाया। जिससे विवाद बढ़ गया। लड़कों की बदतमिजी देख यात्री भड़क गए और उन्होंने इन लड़कों को जमकर पीटा। लड़के के भाई ने फोन से अपने दोस्तों को बल्लभगढ़ स्टेशन बुला लिया। उन्होंने ही बदतमिजी करने वाले लड़कों को चाकू मारा था। असावटी स्टेशन से वे फरार हो गए। संवाददाता ने बिजेंद्र की फोटो लेने की गुजारिश की। लेकिन बिजेंद्र ने पुलिस का मामला होने के कारण फोटो देने से मना कर दिया। 

असावटी रेलवे स्टेशन(6:54 बजे)- असावटी आने ही भारी भीड़ स्टेशन पर उतरी। मौके का मुआयना करते हुए नमकीन दाल बेचने वाले राजेश से मुलाकात हुई। पूछा तो बताया किशोरों को चाकूओं से तबाड़तोड़ फरार किए थे। एक की मौत स्टेशन पर हो गई थी। जबकि दूसरे को अस्पताल भेज दिया था। एक यात्री ने घटना को पाकिस्तान और भारत के क्रिकेट मैच से भी जोड़ दिया। उसे कहा कि झगड़ा मैच को लेकर हुआ था। पीडि़त किशोर बार-बार पाकिस्तान की हिमायत कर रहे थे। इसलिए यात्री भड़क गए। 

यात्रियों में जहन में उठ रहे है सवाल-पीडि़त किशोर हासिम के मुताबिक जिसने सीट दी, उसी बुजुर्ग ने सबसे पहले मारा बयान गले नहीं उतर रहा। सीट को लेकर यात्री कभी चाकूबाजी नहीं कर सकते। संभावना है कि मामला कुछ और भी है।हासिम के मुताबिक उन्होंने फोन से शाकिर को बुलाया था। क्या शाकिर अकेला था या अन्य युवक भी साथ थे? जिन्हें देख भीड़ भड़क गई हो।ओखला और तुगलकाबाद स्टेशन के बीच झगड़ा होकर शांत हो गया। फिर क्या बात हुई कि करीब 20 मिनट बाद बल्लभगढ़ में चाकूबाजी की नौबत आ गई। 

loading...
SHARE THIS

0 comments: