Tuesday, June 27, 2017

भगत सिंह की सोच को दर्शाता है नाटक 'लिजेंंड्री एक सोच' संभार्य फाउंडेशन की उत्कृष्ट प्रस्तुति


फरीदाबाद(abtaknews.com) 27 जून,2017 ; सेक्टर 12 स्थित कनवेंशन सेंटर में चल रहे पांच दिवसीय संभार्य थियेटर फेस्टिवल के चौथे दिन भगत सिंह के आदर्शों को अपनाने का सुंदर मैसेज दिया गया। देश भक्ति से लबरेज इस नाटक  को देखते ही लोगों मेंं देशभक्ति की भावना जाग उठी। इस दौरान मुख्य अतिथि के रूप में डॉ संजय शर्मा, दिल्ली में एसडीएम पीआर कौशिक व पार्षद नरेश नंबरदार मौजूद थे।

डॉयरेक्टर आदित्य कृष्ण मोहन द्वारा निर्देशित नाटक 'लिजेंड्री एक सोच' में भगत सिंह को सेंटर कैरेक्टर के तौर पर दर्शाया गया है। नाटक की शुरूआत यूथ से होती है। युवाओं का एक ग्रुप भगत सिंह के जीवन पर नाटक खेलना चाहता है लेकिन बीच मेंं कई समस्याएं हो जाती है। कई युवा भगत सिंह का नाटक करने से नकार देते है। तब बीच में भगत सिंह की आत्मा आकर युवाओं को मैसेज  देती है। वह कहती है कि मैने ऐसा भारत कभी नहीं देखा था जहां पर भाईचारा न हो। देश में भ्रष्टाचार, लूट खसौट का बोलबाला है। ऐसे भारत की कल्पना कभी नहीं की थी। अगर भगत सिंह बनना है तो अपनी सोच को बदलो। क्योंकि भगत सिंह एक सोच का नाम है। नाटक के माध्यम से युवाओं ने ये मैसेज दिया कि अब यूथ को अपनी सोच बदलने की जरूरत है। तभी हर एक यूथ भगत सिंह बनेगा और देश उन्नति व सुख शांति की राह पर चलेगा। नाटक के सह निर्देशक अभिषेक देशवाल है। नाटक के संजय, हिमांशू शर्मा, हिमांशू भट्ट, ज्ञानंदा, रूचिका, माधवी, नरेंद्र भारद्वाज, मूलचंद, अरूण राठौर, रोहित केसरी, नरेश ठाकुर की अदाकारी ने लोगों का दिल जीत लिया। लाइट पर मनीष और म्यूजिक पर अमित शर्मा ने बेहतरीन काम किया जिससे नाटक जीवंत हो उठा। इस दौरा संभार्य फाउंडेशन के मैनेजिंग डॉयरेक्टर अभिषेक देशवाल ने बताया कि थियेटर फेस्टिवल के अंतिम दिन 'मुझे अमृता चाहिए' नाटक का मंचन होगा। इस मौके पर स्टूडेंट्स वेलफेयर असोसिएशन के प्रधान चिराग मोहना, विनोद नर्वत, सतीश बैंसला, कृष्णकांत राय आदि मौजूद रहे।

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