Friday, June 30, 2017

स्टेट रैजिडैन्ट डाटा बेस के जन सेवा सर्वे पर हुई चर्चा


फरीदाबाद, 30 जून(abtaknews.com) स्टेट रैजिडैन्ट डाटा बेस (एसआरडीबी) का जन सेवा सर्वे एक अत्यन्त महत्वपूर्ण कार्यक्रम है जिसमें सभी एन्यूमीरेटर्स को घर-घर जाकर निर्धारित सूचनाएं एकत्रित करनी है और निवासियों को पूर्णत: जागरूक रह कर सूचनाएं व सहयोग देने की आवश्यकता है।उपायुक्त समीरपाल सरो ने यह विचार आज यहां स्थानीय सैक्टर 17 स्थित माडर्न स्कूल के सभागार में उक्त सर्वे के सम्बन्ध में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित करते हुए प्रकट किए। शुरू में यह सर्वे जिला के ग्रामीण क्षेत्र की सभी 116 पंचायतों से जुड़े कुल 148 गांवों में किया जायेगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम सभी एन्यूमीरेटर्स और सुपरवाइजर्स के लिए आयोजित किया गया। इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त जितेन्द्र दहिया, सर्वे के नोडल अधिकारी एवं जिला राजस्व अधिकारी पी.डी. शर्मा, जिला सिविल डिफैंस चीफ वार्डन डा. एम.पी. सिंह, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी विपिन गुप्ता, सभी मास्टर टेऊनर्स, सुपरवाइजर्स व सरपंच भी प्रमुख रूप से उपस्थित थे। 
श्री सरो ने कहा कि एसआरडीबी लोगों के भविष्य निर्माण से जुड़ा एक ऐसा सर्वेक्षण कार्यक्रम है जिसे हरियाणा सरकार ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल के मार्ग दर्शन जनगणना की तर्ज पर ही घर-घर जाकर पूरा करने का निर्णय लिया है। प्रारम्भ में जिला के ग्रामीण क्षेत्र में किए जाने वाले इस सर्वे के लिए सक्षम युवाओं सहित कई विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों को एन्यूमीरेटर्स के रूप में लगाया गया है। इस सर्वे के अन्तर्गत इन कर्मियों को प्रत्येक घर के मुख्य द्वार की तरफ से बाहर का फोटो लेने के अलावा विभिन्न प्रकार के लगभग 80 बिन्दुओं पर आधारित जानकारी उन्हें टैब में लेनी होगी।
 उपायुक्त ने कहा कि इस सर्वे के अन्तर्गत लोगों से आधार कार्ड, राशन कार्ड फोटो पहचान-पत्र, शिक्षा, आर्थिक व्यवस्था व बैंक खाता आदि से सम्बन्धित जानकारी एकत्रित की जायेगी। इनके फलस्वरूप ही भविष्य में सरकार विभिन्न योजनाओं का लाभ डायरेक्ट बैनीफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से लोगों को देगी। इससे तो प्रत्येक लाभार्थी निवासी को आसानी रहेगी और उसे पूरा लाभ प्राप्त हो सकेगा। उपायुक्त ने सरपंचों का आह्वान किया कि वे इस सर्वे में पूरा सहयोग देने के लिए अपने गांव के सभी लोगों को जागरूक करें। 
इस अवसर पर एडीसी जितेन्द्र दहिया के अलावा पी.डी. शर्मा, डा. एम.पी. सिंह, विपिन गुप्ता, एल.एन. मित्तल तथा मास्टर ट्रेनर नरेन्द्र पाल ने भी अपने -अपने विचार रखते हुए एन्यूमीरेटर्स को आवश्यक प्रशिक्षण व जानकारी दी। इसके आलावा स्कूल के 10 कमरों में बनाए गए प्रशिक्षण केन्द्रों में भी उक्त सभी को विस्तारपूर्वक तकनीकी जानकारी दी गई।

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