Friday, June 16, 2017

आशा वर्करों ने लंबित मांगो को लेकर किया प्रदर्शन, अधिकारी करते हैं उनसे अभद्र व्यवहार


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फरीदाबाद(abtaknews.com)सैक्टर 12 स्थित लघुसचिवालय पर एक बार फिर लंबित पडी हुई मांगों को लेकर सैंकडों आशा वर्करों ने सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और स्वास्थ्य विभाग के बडे अधिकारियों पर आशा वर्कर के साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप भी लगाया। आशा वर्करों ने मांग की है कि उन्हें स्थाई कर्मचारियों का दर्जा दिया जाये या फिर न्यूनतम वेतन 18 हजार किया जाये और स्वास्थ्य विभाग में स्टॉफ के अतर्गत शामिल कर उन्हें सम्मान दिया जाये। इतना ही नहीं आशा वर्करों ने अस्पताल की नर्सो पर गर्भवती महिलाओं से पैसे लेने का आरोप भी लगाया है।

फरीदाबाद में लगातार आशा वर्करों का सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है, जिसके चलते आज एक बार फिर से आशा वर्कर फूल ड्रैस में सैक्टर 12 स्थित उपायुक्त कार्यालय के बाहर सरकार के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाती हुई नजर आई। आशा वर्करों की प्रधान उषा ने बताया कि लंबे अर्से से उनकी मांगे लंबित पडी हुई है सरकार का उनकी ओर कोई ध्यान नहीं है, उनकी मांग है कि सभी आशा वर्कर को स्थायी कर्मचारी का दर्जा मिले या फिर न्यूनतम वेतन 18 हजार रूपये दिया जाये। साल में दो बार उन्हें नई ड्रैस मिलनी चाहिये और आशा वर्कर के साथ होने वाले अभद्र व्यवहार की जांच की जाये। इतना ही नहीं आशा वर्करों को निरोध की सप्लाई करने की जिम्मेदारी सोंपी हुई इसलिये वो चाहती है निरोध के उपर से आशा वर्कर का नाम हटा दिया। वहीं उनका अरोप है कि जिस दिन वो अपनी आवाज उठाने के लिये एकत्रित होते हैं उसी दिन उनके अधिकारी मीटिंग कर बुला लेते हैं उन्हें अपनी बात रखने का मौका तक नहीं देते।

राजबाला और पूजा आशा वर्करों ने बताया कि उनके साथ अस्पताल में नर्स गर्भवती महिलाओं से डिलीवरी के नाम पर पैसा मांगती है जिससे उनकी छवि खराब होती है। इसलिये उन्होंने चेतावनी दी है कि आगे से वो कभी अस्पताल में डिलीवरी के लिये गर्भवती महिला को लेकर नहीं जायेंगे और घर पर महिलाओं की डिलवरी करवाई जायेगी।


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