Tuesday, June 27, 2017

निगमायुक्त और अनशनकारी कर्मचारियों के बीच बातचीत हुई फ़ैल


फरीदाबाद, 27 जून(abtaknews.com) निगमायुक्त सोनल गोयल ने अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ और भ्रष्टाचार विरोधी मंच के पदाधिकारीगण को निगम मुख्यालय में बातचीत के लिए बुलाया और उन्हें निगम मुख्यालय के गेट के सामने हो रहे आमरण अनशन को समाप्त करने के लिए कहा। सबसे पहले अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ का एक प्रतिनिधिमंडल आज निगम मुख्यालय में 170 कर्मचारियों को पक्का करने की मांग को लेकर निगमायुक्त सोनल गोयल से मिला और उनसे बातचीत की। इस मौके पर स्थापना अधिकारी विजय सिंह भी मौजूद थे। संघ के प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि वह दिनांक 21.06.2017 से निगम मुख्यालय पर अनिष्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठे हुए है तथा जब तक हरियाणा सरकार 170 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को पक्का नहीं करती तब तक उनकी भूख हड़ताल जारी रहेगी। प्रतिनिधिमंडल में मेहरचंद बैनीवाल, सुरेश शेर सिंह, रामरतन, रामेश्वर, काशीराम सहित अनेक लोग मौजूद थे।
निगमायुक्त सोनल गोयल ने अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के प्रतिनिधिमंडल को निगम और कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए आमरण अनशन खत्म करने को कहा और उन्होंने बताया कि आपके मांग पत्र के अनुसार विभिन्न पदसंज्ञा के कुल 169 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी जो दिनांक 13.08.2014 के तहत नियमित नियुक्ति से वंचित रह गये थे को नगर निगम फरीदाबाद के पत्र यादि क्रमांक न0नि0फ0/ई0ओ0/2014/84 दिनांक 22.09.2014 एव स्मरण पत्र क्रमांक 74 दिनांक 16.02.2015, क्रमांक 299 दिनांक 25.08.2015, कमांक 355 दिनांक 6.12.2016 व क्रमांक 147 दिनांक 27.04.2017 और दिनांक 20.06.2017 नियमित करने बारे केस हरियाणा सरकार को भेजा जा चुका है। हरियाणा सरकार द्वारा भेजा गया प्रस्ताव शीघ्र ही आ जाएगा। मेरी इस विषय में उनसे बातचीत भी हो रही है। तब तब आप निगम हित को ध्यान में रखते हुए आमरण अनशन को समाप्त करें। इसके उपरान्त निगमायुक्त ने भ्रष्टाचार विरोधी मंच के संयोजक अधिवक्ता डा. ब्रह्मदत्त पदमश्री, आर0टी0आई0 एक्टिविस्ट वरूण श्योकंद को निगम मुख्यालय के गेट पर रहे हो आमरण अनशन समाप्त करने के लिए कहा। निगमायुक्त ने उन्हें यह भी बताया कि कथित भ्रष्टाचार के 21 मामले की जो चार्जशीट दी थी उनको सरकार के पास आगामी कार्यवाही हेतू दिनांक 15.06.2017 को भेजी जा चुकी है और इस बारे में आगामी कार्यवाही सरकार के स्तर पर की जानी है। भ्रष्टाचार विरोधी मंच के पदाधिकारीगणों को उपरोक्त पत्र की प्रति भी दिखाकर उनको दे दी गई है। निगमायुक्त ने भ्रष्टाचार विरोधी मंच के पदाधिकारीगणों से कहा कि कोई ऐसा मुददा जो निगम स्तर पर निपटाया जा सके उसके बारे में बताए मैं उस मुददे को पूरी तरह से आपके सामने हल करूंगी परन्तु इस विषय पर भ्रष्टाचार विरोधी मंच के पदाधिकारीगणों ने कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया और न ही कोंई ठोस मुददा पेष किया जिस पर निगम स्तर पर विचार किया जा सकें और नगर निगम की आम कार्यप्रणाली पर प्रष्नचिन्ह लगाते हुए इसकी कार्यप्रणाली मे सुधार लाने के लिए बात करते रहे। इस पर स्थापना अधिकारी ने बताया कि नगर निगम की कार्यप्रणाली में सुधार लाने के लिए कई कदम उठाए जा रहे है और समय-समय पर संबंधित अधिकारियों को निगमायुक्त की ओर से आदेश भी जारी किए जाते रहते है लेकिन समय के अनुसार कार्यप्रणाली में सुधार लाने के लिए कुछ समय तो लगता ही है। निगमायुक्त ने मंच के पदाधिकारीगणों सेे कहा कि निगम हित को देखते हुए कथित भ्रष्टाचार के 21 मामले की चार्जशीट हरियाणा सरकार को भेजी जा चुकी है और इस बारे निर्णय सरकार ने लेना है। उन्होंने मंच के पदाधिकारीगणों से कहा कि इस तरह के अनषन करने से न केवल कर्मचारियों का मनोबल गिरता है अपितु इससे नगर निगम की छवि भी धूमिल होती है। अत: मेरा आपसे अनुरोध है कि आप इस अनशन को समाप्त करने का कष्ट करें और निगम से संबंधित कोई समस्या है तो बताएं उसका समाधान जरूर किया जाएगा। इस पर मंच पदाधिकारीगणों ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया और उठकर चल दिये।

loading...
SHARE THIS

0 comments: