Sunday, June 18, 2017

फरीदाबाद के टैक्सी ड्राइवर के लड़के ने इंटरनेशनल कबड्‌डी टेस्ट में दिलाया गोल्ड



फरीदाबाद (abtaknews.com) 18 जून,2017; मलेशिया में 7 से 11 जून तक मलेशिया कबड्‌डी फैडरेशन द्वारा आयोजित केएल इंटरनेशनल कबड्‌डी  टेस्ट मैच में वर्ल्ड अमैच्योर फैडरेशन के बैनर तले गई भारत की टीम को फरीदाबाद के गांव बडौली निवासी अजय चंदीला ने अपने दम पर दो टेस्ट मैच की सीरीज जीता कर गोल्ड दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। अजय के पिता राजबीर चंदीला एक टैक्सी ड्राइवर हैं। वीरवार को वापस लौटने पर उनका जोरदार स्वागत किया गया।
एशियाड में खेलना लक्ष्य
अजय चंदीला ने बताया कि उसको इस खेल का जूनून गांव से ही चढ़ा। वहां पर अक्सर साथी कबड्‌डी खेलते। फिलहाल अभी मैं मेवला महाराजपुर में कबड्डी का अभ्यास करता हूं। यहीं से ही कबड्‌डी के गुर मैने सीखे हैं। चंदीला ने बताया कि उसका मकसद एशियाड में देश की टीम में शामिल होने का है। इसके लिए वह काफी मेहनत कर रहा है। इसके अलावा प्रो-कबड्‌डी में भी खेलना चाहता हूं। इस बार उसके ट्रॉयल के बारे में पता नहीं चल सका। लेकिन अगली बार इसके लिए मैं पूरी तरह से तैयार रहूंगा।
अकेले दम पर जीताया
टीम मैनेजर यशवीर चपराना ने बताया कि अजय चंदीला टीम के कप्तान बनाए गए थे। टीम दोनो टेस्ट मैचों में पहले हाफ में पिछड़ रही थीं। लेकिन दोनो मैचों में इसने बेहतरीन खेल दिखाया। अकेले ही मलेशिया की आर्मी और पुिलस की टीम को पछाड़ कर इसने देश को गोल्ड दिलाने में अहम भूमिका निभाई। मलेशियन पुलिस को 62-32 से और आर्मी को दूसरे फाइनल मैच में 68-27 से भारत की टीम ने मात दी। चपराना ने बताया कि दूसरे टेस्ट मैच में टीम एक समय 27-23 से पहले हाफ में पीछे थीं। लेकिन दूसरे हाफ में अजय ने अपने खेल से जहां दूसरे खिलाड़ियों में जोश भरा और एक भी प्वाइंट नहीं बनाने दिया। वहीं अपने दम पर उसने प्वाइंट अर्जित भी किए।   
पापा नहीं कर पाते मदद, अपने बलबूते आगे बढ़े
टीम मैनेजर यशवीर ने बताया कि अजय के  पापा उसकी आर्थिक मदद नहीं कर पाते हैं। वह एक टैक्सी ड्राइवर हैं। खेल को लेकर डाइट पर काफी खर्च करना पड़ता है। इसके अलावा कई बार बिना फैडरेशन के कबड्‌डी मैचों में भी आने-जाने का खर्च वहन करना पड़ता है।  इस वजह से पापा इसके खेल के खिलाफ भी थे। लेकिन इसके जूनून को देख कर उसे अपने बलबूते आगे बढ़ने को रजामंदी दे दी। जिसपर ही अजय इस खेल में आगे बढ़ सका। फिर भी उसे कई मौकों पर स्पांसर्स की जरूरत पड़ती है। कई बार इसके गांव के ही कुछ आर्थिक रूप से संपन्न लोग इसके खेल की वजह से मदद भी करते हैं। यशवीर ने बताया कि अजय ने 2010 व 2013 में श्रीलंका में, 2012 में दुबई में और 2014 में पाकिस्तान में इंटरनेशनल कबड्‌डी टेस्ट मैच खेले हैं। इसके अलावा मेवला महाराजपुर में होने वाले इंवीटेशनल कबड्‌डी वर्ल्डकप में भी इसने पांच बार भाग लिया है।

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